पलामू जिले में वृद्धावस्था पेंशन की वितरण व्यवस्था में खामियों के कारण लाभुक परेशान
मेदिनीनगर : पलामू जिले में वृद्धावस्था पेंशन की वितरण व्यवस्था में खामियों के कारण लाभुक परेशान है. पेंशन में गड़बड़ी के कई मामले आये दिन आते रहते है. लेकिन इसमें सुधार हो इसके लिए गंभीरता पूर्वक कार्य नहीं किया जाता. अंतत: पेंशनधारियों की परेशानी बनी रहती है.सदर प्रखंड के रजवाडीह गांव के खैराट टोला के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मेदिनीनगर : पलामू जिले में वृद्धावस्था पेंशन की वितरण व्यवस्था में खामियों के कारण लाभुक परेशान है. पेंशन में गड़बड़ी के कई मामले आये दिन आते रहते है. लेकिन इसमें सुधार हो इसके लिए गंभीरता पूर्वक कार्य नहीं किया जाता. अंतत: पेंशनधारियों की परेशानी बनी रहती है.सदर प्रखंड के रजवाडीह गांव के खैराट टोला के प्रभुवन भुईयां, स्वर्गीय सीताराम मांझी की पत्नी कौशल्या देवी, विदेशी भुईयां की पत्नी अनरवा देवी वृद्धावस्था पेंशन के लाभुक हैं.
कभी-कभी इन लोगों को पेंशन की राशि मिलती है लेकिन आधी अधूरी. समय पर राशि का भुगतान भी नहीं होता. पेंशन वितरण व्यवस्था में इतनी गड़बड़ी है कि लाभुकों को स्वयं पता नहीं चल रहा है कि किस माह का पेंशन उन्हें मिला है. उक्त तीनों लाभुकों ने वनांचल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की रजवाडीह शाखा से पेंशन भुगतान के लिए खाता खुलवाकर अंचल कार्यालय में दिया था. लेकिन कर्मियों की लापरवाही व मनमानी के कारण इन लोगों की पेंशन राशि आइसीआइसीआइ बैंक में भेज दी गयी.
बताया जाता है कि करीब सात वर्ष पहले मनरेगा के तहत इस बैंक में उनलोगों का खाता खुला था. पेंशन लाभुकों का कहना है कि उनलोगों के पास न तो बैंक का पासबुक है और न ही राशि निकासी की पर्ची. कुछ दिनों तक आइसीआइसीआइ बैंक के प्रतिनिधि पोखराहा खुर्द निवासी संजय पासवान उनलोगों के घर मशीन लेकर आते थे और अंगूठा का निशान लगवाकर चले जाते थे. 10-15 दिनों के बाद अपना कमीशन काटकर राशि का भुगतान करते थे. उनके द्वारा कभी भी निकासी पर्ची भी नहीं दी गयी. काफी भागदौड़ और आवेदन देने के बाद जमुने स्थित प्रज्ञा केंद्र से उनलोगों को पैसा मिलने लगा. लेकिन वहां भी भी उसी तरह का खेल होने लगा.
प्रज्ञा केंद्र संचालक बीरेंद्र कुमार पेंशन की निर्धारित राशि से कम भुगतान करते थे. जबकि सरकार ने प्रति माह छह सौ रुपये वृद्धापेंशन राशि देने का प्रावधान किया है. लाभुकों ने बताया कि इसी सप्ताह प्रज्ञा केंद्र संचालक द्वारा दो दो हजार रुपये दिये गये. इस पर जब आपत्ति जतायी गयी तो कहा गया कि जहां जाना है आराम से जा सकते हैं. हमें कोई परेशानी नहीं होगी. इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत उक्त लाभुकों ने 14 मई 2018 को मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र में की थी. इसके बाद 21 मई 2018 को इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश 21 मई को सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक उपनिदेशक शत्रुंजय कुमार को दिया गया. लेकिन उन्होंने जनसंवाद केंद्र से आये उस पत्र को एक माह तक अपने पास रखा और 23 जून को यह कहकर एलडीएम के पास भेज दिया कि उनके क्षेत्राधिकार का मामला नहीं है. यह पत्र 28 जून को एलडीएम के पास पहुंचा. एलडीएम का कहना है कि पैसा भेजने की जिम्मेवारी उनकी नहीं है. बल्कि यह तो प्रशासन का मामला है. अब पेंशन के लाभुक गड़बड़ी में सुधार के लिए दर दर भटक रहे हैं. उनलोगों ने इस मामले की जानकारी पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा ग्रामीण बैंक के खाते से राशि भुगतान कराने की मांग की है.