आंगनबाड़ी सेविकाओं को पोषण ट्रैकर ऐप व फेस रिकॉग्निशन सिस्टम का प्रशिक्षण

जब तक आंगनबाड़ी सेविकाएं पोषण ट्रैकर ऐप और एफआरएस में दक्ष नहीं हो जातीं, तब तक फेज-वाइज प्रशिक्षण जारी रहेगा.

पाकुड़ नगर. समाहरणालय स्थित सभागार में गुरुवार को महिला पर्यवेक्षिकाओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को फेस रिकॉग्निशन सिस्टम और पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया. यह कार्यक्रम उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुआ. प्रशिक्षण निदेशालय से आए राज्य समन्वयक एनईजीडी बबलू कुमार, महिला पर्यवेक्षिका सिंगरेन टुडू एवं जिला समन्वयक गौतम दत्ता द्वारा प्रदान किया गया. कार्यक्रम में प्रत्येक प्रखंड से चयनित 10 सेविकाएं एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं तथा पोषण ट्रैकर ऐप में शून्य एंट्री वाले आंगनबाड़ी केंद्र की प्रतिनिधि शामिल हुईं. प्रशिक्षण के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप पर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम एंट्री में आ रही तकनीकी व व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ जिला ने शिक्षा क्षेत्र में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान और अबुआ आवास योजना में पहला स्थान हासिल किया है. स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के सभी मानकों पर जिले को 15 अगस्त 2025 तक राज्य में शीर्ष 5 जिलों में लाना हमारा लक्ष्य है. उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक आंगनबाड़ी सेविकाएं पोषण ट्रैकर ऐप और एफआरएस में दक्ष नहीं हो जातीं, तब तक फेज-वाइज प्रशिक्षण जारी रहेगा. प्रशिक्षण सत्र में उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे.

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