वट सावित्री पर्व को लेकर बाजारों में रही चहल-पहल

साहित्यिक रूप से समृद्ध पर्व वट सावित्री व्रत के लिए सुहागिन महिलाएं शनिवार को पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करेंगी। जिले के विभिन्न प्रखंडों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूजा सामग्री की खरीदारी और बाजार में फलों की कीमतों में वृद्धि देखी गई। व्रत कथा के अनुसार माता सावित्री ने यमराज से पति सत्यवान की प्राणों की रक्षा की थी, इसलिए महिलाएं बरगद वृक्ष और बांस के पंखे की पूजा करती हैं। शुभ मुहूर्त सुबह 5:11 बजे से है।

प्रतिनिधि, पाकुड़ जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में सुहागिन महिलाएं शनिवार को पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर वट सावित्री व्रत करेंगी. पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शुक्रवार को पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गई.पर्व को लेकर फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. सामान्य दिनों में 200 रुपये प्रति किलो बिकने वाला सेब 260 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिका. वहीं 40 रुपये प्रति दर्जन मिलने वाला केला 50 से 60 रुपये प्रति दर्जन की दर से बेचा गया.सुहागिन महिलाओं ने बताया कि यह व्रत माता सावित्री द्वारा यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाने की कथा से जुड़ा है. इसी आस्था के साथ महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए बरगद के वृक्ष की पूजा-अर्चना करती हैं. इस पर्व में बांस से बने पंखे का भी विशेष महत्व माना जाता है. पंडित भारत भूषण मिश्रा ने बताया कि वट सावित्री व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह 5:11 बजे से शुरू होगा. पंचांग के अनुसार यह समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. उन्होंने बताया कि स्नान के बाद वटवृक्ष की पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार वटवृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का वास होता है. इसलिए इसकी पूजा का विशेष महत्व है.

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