प्रतिनिधि, पाकुड़. हिंदी दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालयों, कोचिंग संस्थानों और अन्य स्थानों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. शहर के रविंद्र भवन में सिटी कंप्यूटर सेंटर की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी लुत्फुल हक उपस्थित रहे. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. समाजसेवी लुत्फुल हक ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में भारत की संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था. यह दिन राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक पहचान और मातृभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है. संस्थान के निदेशक हैदर अली ने व्यावसायिक शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज के बदलते युग में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य हो गयी है. यह न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाती है, बल्कि शिक्षा और सूचना तक पहुंच को सुलभ बनाती है, कार्यक्षमता और उत्पादकता में वृद्धि करती है, वैश्विक संपर्क स्थापित करती है और तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठाने में भी सहायक होती है. उन्होंने शिक्षा प्राप्त कर रही उन छात्राओं से कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ने की अपील की जो अब तक इससे वंचित रही हैं. कार्यक्रम में शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के छात्र-छात्राओं सहित अन्य उपस्थित रहे.
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