ग्राम पंचायतों को तीन जोन में बांटकर पेयजल संकट का करें समाधान: डीपीएम

तीन जोन में बांटकर पेयजल संकट का करें समाधान: डीपीएम

नगर प्रतिनिधि, पाकुड़: ग्रीष्मकाल में संभावित पेयजल संकट को लेकर सोमवार को प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक (ई-पंचायत) आनंद प्रकाश ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड के पंचायत सचिवों और मुखियाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों को पेयजल संकट की गंभीरता के अनुसार तीन श्रेणियों—रेड, येलो और ग्रीन जोन—में विभाजित कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. रेड जोन में वे क्षेत्र चिन्हित किए जाएंगे जहां पेयजल स्रोत लगभग न के बराबर हैं. इन क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी और विभिन्न स्थानों पर जल संग्रहण टैंक बनाए जाएंगे ताकि जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. येलो जोन में वे क्षेत्र शामिल होंगे जहां पेयजल सुविधा तो है, लेकिन पर्याप्त नहीं है. वहां पाइपलाइन का विस्तार, जल स्रोतों का सुदृढ़ीकरण और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपाय किए जाएंगे. ग्रीन जोन में वे क्षेत्र आएंगे जहां जल संकट की स्थिति न्यूनतम है. इन क्षेत्रों में जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों, जैसे वर्षा जल संचयन आदि को प्राथमिकता दी जाएगी. बैठक के दौरान 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत योजनाओं में व्यय की स्थिति, पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना तथा उपयोगिता प्रमाण पत्रों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई. इस बैठक में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत राज स्वशासन परिषद के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >