प्रतिनिधि, पाकुड़: अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर पाकुड़ सदर अस्पताल के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने किया. इस दौरान चिकित्सकों ने सर्पदंश से बचाव, इसके लक्षण और घटना के बाद तुरंत किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी.
PPT के जरिए समझाए सर्पदंश के लक्षण और बचाव
कार्यक्रम में डॉ. शारुख अकबर और एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सर्पदंश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की.
उन्होंने सर्पदंश के कारण, संभावित लक्षण, सांप की पहचान, बचाव के तरीके और सांप के काटने के बाद मरीज को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया.
सांप काटे तो घबराएं नहीं, प्रभावित अंग को रखें स्थिर
चिकित्सकों ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में सबसे पहले घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखना चाहिए. जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे यथासंभव स्थिर रखना चाहिए.
इसके बाद बिना समय गंवाए मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना जरूरी है. अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद जरूरत के अनुसार एंटी स्नेक वेनम (ASV) समेत आवश्यक उपचार दिया जाता है.
झाड़-फूंक और जहर चूसने से बचने की सलाह
कार्यक्रम में लोगों को सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक, जड़ी-बूटी, चीरा लगाने या जहर चूसने जैसी अवैज्ञानिक पद्धतियों से बचने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया.
चिकित्सकों ने कहा कि ऐसे उपायों में समय गंवाने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है. इसलिए सर्पदंश के बाद जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है.
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम
सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने कहा कि सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश स्पष्ट हैं.
उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक में समय नहीं गंवाना चाहिए. मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है और यह नि:शुल्क दिया जाता है.
स्वास्थ्यकर्मियों को भी जागरूकता बढ़ाने का निर्देश
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश के मामलों में लोगों को सही प्राथमिक उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया.
कार्यक्रम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सोहेल अनवर, डॉ. अमित कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डेविड वास्की, प्रताप कुमार समेत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
एक नजर में
- पाकुड़ सदर अस्पताल में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम.
- चिकित्सकों ने PPT के जरिए दी जानकारी.
- सर्पदंश के बाद मरीज को शांत रखने की सलाह.
- प्रभावित अंग को स्थिर रखने पर जोर.
- झाड़-फूंक और जहर चूसने जैसी पद्धतियों से बचने की अपील.
- तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह.
- सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने की जानकारी.
