तालाब जीर्णोद्धार व परकोलेशन टैंक मछलीपालन व खेती का मजबूत जरिया : सुचित एक्का

भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने जोरडीहा पंचायत में जीर्णोद्धार किए गए सरकारी तालाब का जायजा लिया. इस दौरान पानी पंचायत के सदस्यों से मुलाकात की.

पाकुड़ नगर. जिले में तालाबों के जीर्णोद्धार और परकोलेशन टैंकों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी दिशा मिल रही है. भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुचित एक्का ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत लिट्टीपाड़ा प्रखंड में संचालित इन योजनाओं का निरीक्षण किया. इस क्रम में उन्होंने पंचायत जोरडीहा में वर्ष 2023-24 में जीर्णोद्धार किए गए सरकारी तालाब का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने पानी पंचायत के सदस्यों से मुलाकात की. स्थानीय कृषक चार्लेस सोरेन, बरबाद हांसदा और अन्य ने बताया कि तालाब में जल उपलब्धता बढ़ने के बाद अब खरीफ के बाद रबी फसल की भी खेती संभव हो पायी है. किसानों ने सरसों, बैंगन, मकई जैसी फसलें उगायी हैं. साथ ही तालाब में मछलीपालन शुरू कर कृषक से व्यवसायी बनने की दिशा में अग्रसर हैं. इसी तरह, अमड़ापाड़ा प्रखंड के ग्राम अम्बाजोड़ा, पंचायत पाडेरकोला में वर्ष 2024-25 के तहत बनाए गए परकोलेशन टैंक से भी किसानों को लाभ मिलना शुरू हो गया है. लाभान्वित कृषक फाते हांसदा ने बताया कि तालाब में मछली पालन के लिए मछली का जीरा डाला गया है. मानसून में जल भराव के बाद वे रबी फसल की खेती भी शुरू करेंगे. भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण आधारित यह पहल किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हो रही है.

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