प्रतिनिधि, हिरणपुर. प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बंगाली समुदाय के लोगों ने गुरुवार को पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ भाई फोटा (भैया दूज) पर्व मनाया. सुबह से दोपहर तक बहनों ने उपवास रखकर अपने भाइयों के ललाट पर तिलक (फोटा) लगाया और उनके दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना की. भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर हर सुख-दुख में साथ देने और उनकी रक्षा का संकल्प लिया. इस दौरान बहनों ने रक्षा मंत्र “भायेर कोपाले दिलाम फोटा, जोमेर दुवारे पोड़लो कांटा, जोबुना देय जोमके फोटा, आमी दी आमार भाइके फोटा, भाय आमार सोनार बाटा” का उच्चारण करते हुए भाइयों की मंगलकामना की. भाई-बहनों ने एक-दूसरे को मिठाई और खीर खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं. यह पर्व बंगाली समाज में ‘भाई फोटा’ और हिंदीभाषी समाज में ‘भैया दूज’ के नाम से जाना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह पर्व यमराज और उनकी बहन यमुना के स्नेह से जुड़ा है. कथा के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना ने अपने भाई यमराज का सत्कार कर भोजन कराया था. प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो बहन इस दिन अपने भाई के लिए तिलक लगाकर मंगलकामना करेगी, उसके भाई की आयु लंबी होगी और उसका जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रहेगा. तभी से यह परंपरा चली आ रही है.
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