बालू उठाव शुरू होते ही निर्माण कार्यों में आने लगी तेजी

पाकुड़ जिले में मानसून समाप्ति के बाद 16 अक्टूबर से बालू घाटों से बालू उठाव शुरू हो गया है। प्रशासन के आदेश पर लिट्टीपाड़ा, महेशपुर और पाकुड़ प्रखंड के 12 घाटों से वैध रूप से बालू निकासी हो रही है। ट्रैक्टर मालिकों को प्रत्येक 100 सीएफटी बालू के लिए पंचायत समिति से 100 रुपये का चालान कटवाना अनिवार्य है। बालू घाटों के खुलने से जिले में निर्माण कार्यों को गति मिली है, जिससे सरकारी योजनाओं, सड़कों, आवासीय और ग्रामीण निर्माण कार्यों की मांग पूरी हो सकेगी। इससे मजदूरों और ट्रैक्टर चालकों को रोजगार मिला है और स्थानीय बाजारों में निर्माण सामग्री की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

संवाददाता, पाकुड़. पाकुड़ जिले में मानसून खत्म होने के बाद 16 अक्टूबर से बालू घाटों से बालू उठाव शुरू हो गया है. जिला प्रशासन के आदेश पर लिट्टीपाड़ा, महेशपुर और पाकुड़ प्रखंडों के 12 घाटों से वैध रूप से बालू का उठाव हो रहा है, जिनमें बड़ाघघरी, छोटाघघरी, जोरडीहा, दरादर, छोटा कुटलो, शिवरामपुर, तेलियापोखर, महेशपुर, धर्मखांपाड़ा, रामपुर और फुलोपानी प्रमुख हैं. प्रशासनिक आदेश के अनुसार, ट्रैक्टर मालिकों को प्रत्येक 100 सीएफटी बालू के लिए पंचायत समिति से 100 रुपये का चालान कटवाना अनिवार्य है. बालू घाटों के खुलने से जिले में निर्माण कार्यों को गति मिली है, जिससे सरकारी योजनाओं, सड़कों, आवासीय परियोजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू निर्माण कार्यों की मांग पूरी हो सकेगी. लंबे समय बाद बालू घाटों के खुलने से मजदूरों और ट्रैक्टर चालकों को रोजगार मिला है, और स्थानीय बाजारों में निर्माण सामग्री की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है. लोगों का कहना है कि बालू उठाव शुरू होने से रुके हुए मकान और विकास कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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