महेशपुर : प्रखंड मुख्यालय स्थित कल्याण छात्रावास परिसर में सोमवार को आदिवासी सेंगेल अभियान का पाकुड़ जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लुबिन मरांडी ने की. शिविर में कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार और आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने की जानकारी दी गई.
आदिवासी अधिकारों के लिए काम का दावा
आदिवासी सेंगेल अभियान के हुगली जोनल हेड सह केंद्रीय संयोजक लखीनारायण किस्कू ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में अभियान आदिवासियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट, संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने, सिद्धो-कान्हू के नाम पर डाक टिकट जारी कराने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर संगठन ने आवाज उठाई है.
कई मुद्दों पर आंदोलन की बात
लखीनारायण किस्कू ने सरना धर्म कोड, मरांग बुरू पारसनाथ पहाड़, संताली को झारखंड की प्रथम राजभाषा बनाने और स्थानीय नीति जैसे मुद्दों पर भी आंदोलन की बात कही.
संगठन विस्तार पर दिया जोर
जिला सेंगेल छात्र मोर्चा अध्यक्ष रुबिलाल किस्कू ने कार्यकर्ताओं से सभी प्रखंडों में संगठन का विस्तार करने की अपील की. उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से अपने साथ 10 लोगों को जोड़कर संगठन का संदेश गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया.
ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
मौके पर रामजीत टुडू, फिलिप सोरेन, दिनेश सोरेन, मक्कू टुडू, सुलेमान किस्कू, मेनेस हेंब्रम, शिबू सोरेन, पियूष समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
