–रामप्रसादसिन्हा–
राज्य गठन होने के बाद कई बार बदली सरकार
पाकुड़ : झारखंड राज्य गठन के एक दशक बाद भी जिले की ग्रामीण सड़कों के हालात नहीं बदले. जबकि राज्य व जिले का विकास बहुत हद तक अच्छी सड़कों पर भी निर्भर करती है. कई बार राज्य की सरकार भी बदली. जन प्रतिनिधियों ने चुनाव के पहले आश्वासन भी दिया, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा.
समय बीतते गया और सड़कें मरम्मत के अभाव में पहले से अधिक बदतर हो गयीं. इससे न केवल ग्रामीण बल्कि मरीज व किसानों को भी आये दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अक्सर होती है दुर्घटना
पाकुड़िया राधानगर नलहटी मुख्य सड़क से प्रतिदिन पत्थरों से लदे सैकड़ों वाहन गुजरते हैं. इससे सरकार को लाखों रुपये का राजस्व भी प्राप्त होता है.
आदिवासी बहुल इस प्रखंड के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा व बाजार के लिए इसी रास्ते से हो कर नलहटी, रामपुरहाट, बर्धमान व कोलकाता पहुंचते हैं. लेकिन सड़क की स्थिति ऐसी है कि मिनटों का सफर तय करने में घंटों समय व्यतीत हो जाता है. हिरणपुर–कोटालपोखर मुख्य सड़क, लिट्टीपाड़ा–कुंजबोना मुख्य सड़क की स्थिति ऐसी है कि अक्सर कहीं न कहीं छोटी–बड़ी दुर्घटना होते रहती है.
