पांच दिवसीय योग यज्ञ पंचकर्म शिविर का समापन आज

पाकुड़ के सिंधीपाड़ा धर्मशाला में पांच दिवसीय योग यज्ञ पंचकर्म सत्कर्म आवासीय शिविर में पांचवें दिन योग और हवन का आयोजन होगा। जिला पतंजलि योग प्रशिक्षक संजय शुक्ला के अनुसार समापन समारोह में साधक जड़ी-बूटियों का प्रयोग कर यज्ञ-हवन कर आत्मिक शांति प्राप्त करेंगे। चौथे दिन सभी योग साधकों ने शंख प्रक्षालन क्रिया की, जो पाचन तंत्र की सफाई और विषाक्त पदार्थों के निष्कासन के लिए प्राचीन प्रक्रिया है। यह क्रिया कब्ज, गैस, अपच, सूजन और बलगम जैसी समस्याओं में राहत देती है, पाचन शक्ति बढ़ाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है। शंख प्रक्षालन तब तक दोहराया जाता है जब तक शरीर से निकलने वाला पानी साफ न हो जाए।

प्रतिनिधि, पाकुड़. सिंधीपाड़ा धर्मशाला में पांच दिवसीय योग यज्ञ पंचकर्म सत्कर्म आवासीय शिविर के पांचवें दिन योग और हवन का आयोजन होगा. जिला पतंजलि योग प्रशिक्षक संजय शुक्ला ने बताया कि समापन समारोह में साधक जड़ी-बूटियों का प्रयोग कर यज्ञ-हवन करेंगे और आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे. चौथे दिन, सभी योग साधकों ने शंख प्रक्षालन क्रिया की, जो एक प्राचीन शुद्धि प्रक्रिया है. यह गुनगुने नमकीन पानी से पूरे पाचन तंत्र को साफ करती है, आंतों से विषाक्त पदार्थों को निकालकर पाचन शक्ति बढ़ाती है. इस क्रिया में पानी पीना और विशेष योगासन करना शामिल है, जिससे कब्ज, गैस, अपच, सूजन और बलगम जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. शंख प्रक्षालन पाचन तंत्र को गहराई से साफ करता है, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, कब्ज से राहत देता है, पाचन में सुधार करता है, और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कि शरीर से निकलने वाला पानी साफ न हो जाये.

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Author: RAGHAV MISHRA

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