होती स्थायी सरकार तो बदलते हमारे हालात/ नई उम्मीदे

पाकुडि़या . जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराये जाने को लेकर प्रशासन, अपने जीत सुनिश्चित करने को लेकर प्रत्याशी व राजनीतिक दल जहां जी जान से जुटे हुए हैं, वहीं क्षेत्र के किसान बनने वाली नयी सरकार से काफी उम्मीदें पाले हुए हैं. अधिकांश किसानों में यह आशा जगी […]

पाकुडि़या . जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराये जाने को लेकर प्रशासन, अपने जीत सुनिश्चित करने को लेकर प्रत्याशी व राजनीतिक दल जहां जी जान से जुटे हुए हैं, वहीं क्षेत्र के किसान बनने वाली नयी सरकार से काफी उम्मीदें पाले हुए हैं. अधिकांश किसानों में यह आशा जगी है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में स्थायी सरकार बनेंगी और उनके हालात भी बदलेंगे. ———————————————————-फोटो संख्या 1 – उत्तम साहु.राज्य अलग बनने के बाद हुए चुनाव में हमने स्थायी सरकार बनाने का प्रयास नहीं किया. यहीं वजह है कि हमारे हालात नहीं बदले.उत्तम साहु, किसान.————————-फोटो संख्या 2 – श्याम सुंदर भगत.क्षेत्र में कृषि को बढावा देने वाले प्रत्याशी को चुनने का काम किया जायेगा. अलग राज्य बनने के बाद राज्य की कृषि मंत्रियों द्वारा हमें उपेक्षित रखने का काम किया गया.श्याम सुंदर भगत, किसान.——————————फोटो संख्या 3 – शहीद मियां.जब तक कृषि के क्षेत्र में बेहतर काम नहीं किया जायेगा किसानों के हालात नहीं बदलेंगे. किसानों की माली हालत के लिए सरकार व जनप्रतिनिधि पूरी तरह जिम्मेवार है.शहीद मियां, किसान.——————————-फोटो संख्या 4- युनूस मियां.राज्य बनने के 14 साल बाद भी कृषि के क्षेत्र में हम आत्म निर्भर इस लिए नहीं बन पाये कि सरकार ने हमारी ओर ध्यान नहीं दिया.युनूस मियां. किसान.

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