सप्ताह में एक दिन आते हैं पशु चिकित्सक

मुरलीपहाड़ी : प्रखंड के पशु चिकित्सा केंद्र चैनपुर का हाल बुरा है. लाखों रुपये के लागत से बना पशु अस्पताल सिर्फ शोभा की वस्तु बन कर रह गया है. यहां के पशु चिकित्सक सप्ताह में एक दिन आते हैं. अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारियों की मनमानी क्षेत्र के पशु पालकों को परेशानी हो रही है. […]

मुरलीपहाड़ी : प्रखंड के पशु चिकित्सा केंद्र चैनपुर का हाल बुरा है. लाखों रुपये के लागत से बना पशु अस्पताल सिर्फ शोभा की वस्तु बन कर रह गया है. यहां के पशु चिकित्सक सप्ताह में एक दिन आते हैं. अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारियों की मनमानी क्षेत्र के पशु पालकों को परेशानी हो रही है.

स्थानीय लोगों का पशु बीमार होने पर निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ता है. जिससे पशु पालकों को अधिक धन व्यय करना पड़ता है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हमलोगों का पशु बीमार होने पर चिकित्सालय से लाभ नहीं मिल रहा है. लोगों ने चिकित्सालय में जारी अनियमितता को खत्म करने कि मांग संबंधित विभाग से की है.

क्या कहते हैं मुखिया

पान हांसदा ने कहा कि ग्रामीणों का आरोप सही है. मैंने जब भी अस्पताल का निरीक्षण किया है अस्पताल बंद तथा डॉ गायब पाया है. लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई करते हुए इनके वेतन पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी लचर प्रणाली नहीं चलने देंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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