रांची पहुंची कन्याकुमारी-कश्मीर संकल्प यात्रा, संत विज्ञान देव ने बताया दुख और कठिनाइयों का मूल कारण

कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकली राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा शनिवार को रांची पहुंची. इस दौरान जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान-साधना सत्र का आयोजन किया गया. संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने आत्मज्ञान, अध्यात्म और साधना के महत्व पर विस्तार से चर्चा की.

रांची. कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा शनिवार को रांची पहुंची. यात्रा के तहत आयोजित जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान-साधना सत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में स्वर्वेद कथामृत के प्रवर्तक सुपूज्य संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने आत्मज्ञान, अध्यात्म और साधना के महत्व पर प्रकाश डाला.

संत प्रवर ने कहा कि मनुष्य के जीवन में आने वाले दुखों और कठिनाइयों का मूल कारण अज्ञान है. जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप और भीतर निहित शक्ति को पहचानता है, तो कठिन परिस्थितियों से जूझने का सामर्थ्य विकसित होता है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है. हर व्यक्ति के भीतर अच्छाइयां और बुराइयां मौजूद होती हैं. जरूरत अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की है. अध्यात्म के आलोक और स्वर्वेद के ज्ञान से साधक को जीवन की चुनौतियों से उबरने की प्रेरणा मिलती है.

सत्य पर पूर्ण विश्वास ही श्रद्धा : विज्ञान देव

संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि सत्य पर पूर्ण विश्वास ही श्रद्धा है. श्रद्धावान व्यक्ति ही ज्ञान की प्राप्ति कर वास्तविक शांति का अनुभव करता है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का आधार धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार पुरुषार्थ हैं. मानव जीवन का उद्देश्य इनकी सार्थकता को समझते हुए जीवन को सही दिशा देना है.

उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर अर्जित अर्थ और मर्यादित काम ही जीवन के लिए श्रेयस्कर हैं. अर्थ और काम की प्रासंगिकता सीमित है, जबकि मोक्ष मानव जीवन का प्रमुख पुरुषार्थ है. हालांकि मोक्ष की यात्रा भी धर्म से ही प्रारंभ होती है. उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में नैतिकता, संयम और आध्यात्मिक चेतना अपनाने का आह्वान किया.

स्वर्वेद को बताया आध्यात्मिक यात्रा का मार्गदर्शक

दिव्यवाणी के दौरान संत प्रवर ने विहंगम योग के प्रणेता अमर हिमालय योग अनंत श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज के आध्यात्मिक योगदान पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज ने गहन साधना के माध्यम से योग का अनुभव प्राप्त किया और इस दुर्लभ आध्यात्मिक विज्ञान को स्वर्वेद नामक आध्यात्मिक सद्ग्रंथ के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाया.

उन्होंने कहा कि स्वर्वेद साधक की आध्यात्मिक यात्रा को निरंतर जागृत रखने वाला मार्गदर्शक है. इसके अध्ययन और साधना से व्यक्ति अपने भीतर की चेतना को समझने तथा आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर सकता है.

श्रद्धालुओं को कराया क्रियात्मक योग-साधना का अभ्यास

कार्यक्रम में संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विहंगम योग की क्रियात्मक योग-साधना का अभ्यास कराया. उन्होंने कहा कि साधना का उद्देश्य बाहरी दुनिया से दूरी बनाना नहीं, बल्कि खुद से खुद की दूरी मिटाना है. उन्होंने नियमित साधना के माध्यम से मन को स्थिर और जीवन को अनुशासित बनाने का संदेश दिया.

25 हजार कुंडीय महायज्ञ को लेकर निकली है संकल्प यात्रा

आयोजकों ने बताया कि विहंगम योग संत समाज के 103वें वार्षिकोत्सव समारोह, समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव एवं 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के निमित्त यह राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा निकाली जा रही है. यात्रा का शुभारंभ 18 जुलाई को कन्याकुमारी से किया गया था. इसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में अध्यात्म, योग और स्वर्वेद के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है.

आयोजकों के अनुसार, आगामी 14 और 15 दिसंबर 2026 को वाराणसी स्थित विशाल ध्यान-साधना केंद्र स्वर्वेद महामंदिर के परिसर में 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का आयोजन प्रस्तावित है. संकल्प यात्रा के माध्यम से देशभर के अधिक से अधिक लोगों को इस आयोजन से जोड़ने और आध्यात्मिक साधना का लाभ जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में विहंगम योग संस्थान झारखंड राज्य के मुख्य परामर्शक विष्णुकांत खेमका, गजेन्द्र सिंह, जिला परामर्शक डॉ. अनिल शर्मा, प्रधान संयोजक रामलखन राणा, संयोजक सच्चिदानंद शर्मा और किरण प्रसाद समेत अन्य लोग उपस्थित रहे.

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By वैभव विक्रम

वैभव विक्रम प्रभात खबर डिजिटल में डिजिटल पत्रकार हैं. पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और झारखंड से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों, खेल, शिक्षा, लाइफस्टाइल और धर्म से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के लिए जिलों की खबरें कवर कर रहे हैं.

इससे पहले वर्ष 2023-24 में उन्होंने प्रभात खबर के खेल डेस्क के लिए खबरें लिखीं. वर्ष 2024-26 के दौरान वे न्यूज11 भारत के साथ झारखंड की खबरों पर काम कर चुके हैं. स्थानीय घटनाक्रम और जमीनी मुद्दों को सरल, स्पष्ट और प्रभावी तरीके से डिजिटल पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता का प्रमुख हिस्सा रहा है.

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