लोहरदगा में तुरी समुदाय की महिलाएं बांस से बना रहीं मोबाइल स्टैंड, सोफा व चूड़ी

बंबू परियोजना के को-ऑर्डिनेटर जितेंद्र कुमार तुरी ने बताया कि सरकार द्वारा दी गयी मशीन से 60 महिलाएं काम करती हैं. बांस की वस्तुओं को बनाने में आये खर्च को मंथन युवा संस्था द्वारा वहन किया जाता है

किस्को प्रखंड की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलायी जा रही है. तुरी समुदाय की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सरकार द्वारा परंपरागत रोजगार से जोड़ा जा रहा है. खरकी पंचायत के कोचा गांव की 60 महिलाएं बांस की विभिन्न प्रकार की वस्तु बनाकर अपने पुश्तैनी धंधे को एक अलग रूप देने में जुटी हुई हैं. इन महिलाओं को सरकार द्वारा एससीए मद से आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराया गया है. जिससे ये महिलाएं बांस से मोबाइल स्टैंड, सोफा, चूड़ी व विभिन्न प्रकार की वस्तु बना रही हैं.

बंबू परियोजना के को-ऑर्डिनेटर जितेंद्र कुमार तुरी ने बताया कि सरकार द्वारा दी गयी मशीन से 60 महिलाएं काम करती हैं. बांस की वस्तुओं को बनाने में आये खर्च को मंथन युवा संस्था द्वारा वहन किया जाता है. महिलाओं को बांस से बनी वस्तुओं की बिक्री के अनुसार मेहनत का पैसा दिया जाता है. बांस से विभिन्न प्रकार की वस्तु बनाने की योजना का शुभारंभ फरवरी 2023 में किया गया था.

महिलाओं को प्रशिक्षण देकर पूरी तरह ट्रेंड कर दिया गया है. अब महिलाएं विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार कर रही हैं, जिसे लोहरदगा व रांची में तथा मांग के अनुसार बिक्री की जाती है. जिला प्रशासन द्वारा लोहरदगा जिले में इन वस्तुओं को बेचने को लेकर बाजार उपलब्ध कराने की बात कही गयी है. बाजार उपलब्ध होने के बाद इन वस्तुओं को बेचने में परेशानी नहीं होगी व महिलाओं को बेहतर आमदनी प्राप्त हो सकेगी.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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