कुड़ू का बाजार तिलकुट की सौंधी खुशबू से महका
कुड़ू का बाजार तिलकुट की सौंधी खुशबू से महका, गया और बनारस के स्वाद की मची धूम
कुड़ू़ मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर कुड़ू का बाजार पूरी तरह सज गया है. बस स्टैंड परिसर सहित पूरे शहरी क्षेत्र में तिलकुट की सौंधी खुशबू बिखरने लगी है. बाजार में गया और वाराणसी के विशेष तिलकुटों की भारी मांग देखी जा रही है. स्थानीय बस स्टैंड में आधा दर्जन मुख्य दुकानों के अलावा शहर भर में करीब दो दर्जन से अधिक स्थानों और ठेलों पर तिलकुट की बिक्री हो रही है. खोवा तिलकुट की सबसे अधिक मांग : दुकानदारों ने बताया कि इस बार ग्राहकों की पसंद को देखते हुए गया और वाराणसी से विशेष कारीगरों द्वारा निर्मित तिलकुट मंगाये गये हैं. बाजार में सबसे महंगा खोवा तिलकुट 450 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि सामान्य चीनी और गुड़ के तिलकुट 260 से 310 रुपये तक उपलब्ध हैं. इसके अलावा काजू-पिस्ता गजक, तिलकुट गुड़ रोल, खास्ता गजक, डिस्को रेवड़ी, तिल लड्डू और बादाम पट्टी की भी दर्जनों किस्में दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं. धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व : मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर तिल का दान और सेवन पुण्यकारी माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह परंपरा है कि इस दिन बच्चों को काले तिल से स्नान कराने से वे तेजी से बढ़ते हैं. पवित्र नदियों में स्नान के बाद तिल का दान करने की परंपरा के कारण लोग बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं.
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