कैरो प्रखंड में बारिश थमने से किसानों की चिंता बढ़ी

कैरो प्रखंड जिसकी जनसंख्या लगभग 44 से 45 हजार है, एक कृषि बहुल क्षेत्र है जहां के किसान मुख्यतः धान की खेती पर निर्भर हैं.

फोटो:-सूखते खेत

कैरो. कैरो प्रखंड जिसकी जनसंख्या लगभग 44 से 45 हजार है, एक कृषि बहुल क्षेत्र है जहां के किसान मुख्यतः धान की खेती पर निर्भर हैं. 20 जून से लगातार हो रही बारिश के बीच किसान खेतों में धान की रोपाई में जुटे थे, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से बारिश रुकने के कारण खेतों में पानी की मात्रा घट गयी है. इससे खेतों की जुताई और रोपाई में कठिनाई हो रही है. कैरो और भंडरा प्रखंड की सीमा पर 1983-84 में लगभग एक करोड़ की लागत से एक डैम का निर्माण हुआ था, जिससे तीन नहरें नरौली, ख़्वासअम्बवा, उतका, कैरो, नगड़ा, बिराजपुर, सुकरहुटु, सिंजो आदि गांवों की ओर बहती हैं. हालांकि डैम से छलटा के माध्यम से पानी बह रहा है, लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है. गांव के किसान गणेश साहू, सोमनाथ उरांव, रविन्द्र राम, तुलसी उरांव आदि का कहना है कि यदि नहरों में पानी छोड़ा जाये, तो खेतों में पानी की कमी दूर होगी और धान की रोपाई सुचारू रूप से हो सकेगी. नहर निर्माण कार्य देख रहे कर्मी ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण नहरों में पहले ही पर्याप्त पानी था, इसलिए पानी नहीं छोड़ा गया. उन्होंने आश्वासन दिया कि शनिवार को नहर खोल दी जायेगी.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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