भंडरा लोहरदगा. भंडरा में तापमान लगातार बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. 37 डिग्री से ऊपर पहुंचा पारा लोगों को दिन में घरों से बाहर निकलने से रोक रहा है. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक तपती धूप और गर्म हवाओं के कारण चौक-चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहता है. शादी-विवाह जैसे अवसरों पर ही लोग मजबूरी में बाहर निकलते हैं, जिससे लू लगने और बीमार पड़ने की घटनाएँ बढ़ रही हैं. अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा है.
घड़ा का दाम 200 रुपये तक
इस भीषण गर्मी में शीतल पेय, जूस और फलों की मांग तेजी से बढ़ी है. नींबू की कीमत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है. वहीं, ठंडा पानी पाने के लिए लोग देसी फ्रिज यानी घड़ा खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत 100 से 200 रुपये तक पहुंच गयी है.सबसे अधिक परेशानी छात्रों को उठानी पड़ रही है. विद्यालय सुबह संचालित हो रहे हैं, लेकिन छुट्टी का समय दोपहर 12 बजे रखा गया है. इस समय बच्चों को तेज धूप का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है.
पेयजल की समस्या भी गंभीर हैपेयजल की समस्या भी गंभीर है. चौक-चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों और छात्रों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. पहले प्रखंड कार्यालय और थाना के मुख्य द्वार पर प्याऊ लगाए जाते थे, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था नहीं है. सड़क किनारे दो किलोमीटर तक कोई चापाकल नहीं होने से लोगों को प्यास बुझाने में कठिनाई हो रही है.जनजीवन को राहत देने के लिए प्रशासन को प्याऊ की व्यवस्था फिर से शुरू करनी चाहिए. साथ ही विद्यालयों के समय में बदलाव कर बच्चों को तेज धूप से बचाया जा सकता है. लू से बचाव के लिए लोगों को हल्के कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और दिन के समय घरों में रहने की सलाह दी जा रही है.
