कुड़ू़ सलगी पंचायत के चूल्हापानी गांव स्थित दामोदर नद के उद्गम स्थल पर आयोजित गंगा दशहरा महोत्सव में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सड़क मार्ग से पहुंचे. वहां उपायुक्त संदीप कुमार मीणा, एसपी सादिक अनवर रिजवी व डीडीसी सुषमा नीलम सोरेंग ने उनका स्वागत किया. मौके पर राज्यपाल व दामोदर महोत्सव के संरक्षक सह विधायक सरयू राय ने उद्गम स्थल पर गंगा पूजन, महाआरती व हवन किया. सामूहिक प्रयास से रुकेगा प्रदूषण : महोत्सव को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत की नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवनदायिनी हैं. चूल्हापानी आकर प्रकृति की गोद में पहुंचने का अहसास हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण व जल संरक्षण के कई उदाहरण पेश किये हैं. देश में बढ़ते जलवायु प्रदूषण को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है, क्योंकि जब समाज एकजुट होता है, तो कोई भी काम मुश्किल नहीं रहता. हमारी संस्कृति की पहचान नदियों से है, जिन्हें बचाना जरूरी है. उन्होंने देवनद दामोदर को बचाने के लिए विधायक सरयू राय द्वारा पिछले 12 वर्षों से चलाये जा रहे आंदोलन की सराहना की. दामोदर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग : सरयू राय : विशिष्ट अतिथि विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2004 में पंचेत से मैथन तक की यात्रा के दौरान पता चला था कि दामोदर का उद्गम स्थल कुड़ू का चूल्हापानी है. तब से इसे प्रदूषण मुक्त करने का प्रयास जारी है. इस आंदोलन के कारण आज दामोदर 75 प्रतिशत तक स्वच्छ व पीने लायक हो गया है. पहाड़ी इलाकों में जाने पर इसका नाम देवनद दामोदर हो जाता है. उन्होंने राज्यपाल व राज्य सरकार से इस उद्गम स्थल और पूरी सलगी पंचायत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की. कार्यक्रम का संचालन बालकृष्ण सिंह व धन्यवाद ज्ञापन ओमप्रकाश सिंह ने किया. मौके पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, जिप अध्यक्ष सुखदेव उरांव, अंशुल शरण, एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, सीओ संतोष उरांव, थाना प्रभारी अजीत कुमार, मुखिया सुमित्रा देवी, लाल गुड्डू नाथ शाहदेव सहित कई लोग मौजूद थे.
नदियां सिर्फ जलधारा नहीं, जीवनदायिनी हैं : राज्यपाल
नदियां सिर्फ जलधारा नहीं, जीवनदायिनी हैं : राज्यपाल
