लोहरदगा़ झारखंड आर्य वीरदल और गुरुकुल शांति आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर का आयोजन किया गया है. इस शिविर में झारखंड के विभिन्न जिलों से कुल 180 बालिकाएं भाग ले रही हैं. शिविर के दौरान सभी बालिकाओं को पूरी तरह से गुरुकुलीय दिनचर्या में रखा गया है, जहां उन्हें सुबह से ही योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, दंड-बैठक, लाठी, भाला, तलवारबाजी, योगासन और कराटे का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. दैनिक यज्ञ और संध्या वंदन का अभ्यास : इसके साथ ही बालिकाओं को दैनिक यज्ञ और संध्या वंदन का भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिसमें यज्ञ को मुख्य रूप से ब्रह्मा आचार्य आशीष कुमार शास्त्री ने संपन्न कराया. बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए प्रांतीय आर्य वीरदल के महामंत्री आचार्य गणेश शास्त्री ने कहा कि जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए त्याग, तपस्या, संयम और सदाचार को अपनाना होगा. शिविर की यह कठोर दिनचर्या ही भविष्य में सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगी. वहीं, लाल रवि नाथ शाहदेव ने वीरांगनाओं से कहा कि वे बेहद सौभाग्यशाली हैं जो इस शिविर का हिस्सा बनी हैं, क्योंकि यह नाम ही जीवन बदलने के लिए काफी है. कार्यक्रम को सफल बनाने में संचालक आचार्य शरदचंद्र आर्य, प्रधान व्यायाम शिक्षक आशीष कुमार, गोपी आर्य, प्रबंधक लाल बाल किशोर नाथ शाहदेव, महादेव पहलवान, काजल राय और सूरज कुजूर सहित संपूर्ण गुरुकुल परिवार का सराहनीय योगदान रहा.
रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर शुरू, 180 बालिकाएं ले रही हैं प्रशिक्षण
रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर शुरू, 180 बालिकाएं ले रही हैं प्रशिक्षण
