लोहरदगा़ रांची-लोहरदगा मुख्य रेलखंड पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेन इन दिनों यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गयी है. इस रूट पर चलने वाली चार फेरा मेमू ट्रेन में रोजाना सैकड़ों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे कोचों में पैर रखने की जगह नहीं मिल रही. क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण लोग घंटों खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं. यह ट्रेन इस क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाती है, लेकिन अव्यवस्था के कारण यात्रियों का सफर दर्दनाक हो गया है. महिला बोगी में पुरुष यात्रियों का दबदबा : सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को हो रही है. महिलाओं के लिए आरक्षित बोगियों में पुरुष यात्री धड़ल्ले से यात्रा कर रहे हैं. आरक्षित डिब्बे में पुरुषों के घुस जाने से महिलाओं को असहज माहौल का सामना करना पड़ रहा है. कई महिला यात्रियों ने शिकायत की है कि उन्हें बैठने तक की जगह नहीं मिलती और विरोध करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है. आरपीएफ की उदासीनता और पॉकेटमारों का खौफ : यात्रियों में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के खिलाफ भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि सुरक्षा बल की ओर से निगरानी और गश्त नहीं की जाती, जिससे महिला बोगी में पुरुषों के प्रवेश पर रोक नहीं लग पा रही है. आरपीएफ की इसी ढिलाई का फायदा पॉकेटमार भी उठा रहे हैं. नियमित रूप से टिकट जांच अभियान नहीं चलने के कारण बेटिकट यात्रियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. अतिरिक्त कोच जोड़ने की मांग : स्थानीय यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि भीड़ को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जायें और महिला बोगी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जाये. नियमित यात्रियों ने आरपीएफ को सक्रिय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
रांची-लोहरदगा यात्री ट्रेन में यात्रियों की भीड़, महिला बोगी में पुरुषों का कब्जा
रांची-लोहरदगा यात्री ट्रेन में यात्रियों की भीड़, महिला बोगी में पुरुषों का कब्जा
