कैरो लोहरदगा. पंचायती राज व्यवस्था से ग्रामीणों को तेज़ विकास की उम्मीद थी, लेकिन कैरो पंचायत का हाल निराशाजनक है. पिछले 13 वर्षों में मुख्य सड़कों का पक्कीकरण और गली-मुहल्लों में पीसीसी सड़क बनी, परंतु अपेक्षित गति से काम नहीं हुआ. सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की है. 1.11 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन जलापूर्ति योजना बनी और लगभग 11 करोड़ रुपये से जलमीनार का निर्माण हुआ, परंतु विभागपंचायती राज व्यवस्था से विकास की उम्मीदें तो बढ़ीं, लेकिन कैरो पंचायत में स्थिति संतोषजनक नहीं रही. पिछले 13 वर्षों में मुख्य सड़कों का पक्कीकरण और गली-मुहल्लों में पीसीसी सड़क बनी, परंतु अपेक्षित गति से काम नहीं हुआ. सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की है. सरकार ने 1.11 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन जलापूर्ति योजना बनाई और लगभग 11 करोड़ रुपये से जलमीनार का निर्माण कराया, लेकिन विभागीय उदासीनता और चोरी हुए उपकरणों के कारण योजना ठप हो गयी. परिणामस्वरूप ग्रामीणों को आज भी जार या बोतल का पानी खरीदना पड़ता है. मुखिया बीरेंद्र महली ने बताया कि विभाग द्वारा जांच करायी गयी है और मशीन व ट्रांसफार्मर की कमी दूर करने की पहल हो रही है.
कैरो पंचायत में पेयजल व्यवस्था की समस्या बरकरार
कैरो पंचायत में पेयजल व्यवस्था की समस्या बरकरार
