सेन्हा़ कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को बदला पंचायत स्थित आरोग्य आयुष्मान मंदिर प्रांगण में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस दौरान चिकित्सा कर्मियों ने ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएचओ रौशनी कुमारी और महेश कुजूर ने कहा कि शरीर के किसी हिस्से में दाग होना या हाथ-पैर में सूनापन महसूस होना कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है. नियमित रूप से एंटी-पैरासिटिक (परजीवी-रोधी) दवाओं के सेवन से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की कि लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों से परामर्श लें. मौके पर देवेंद्र गिरि, मंसूर आलम, सतीश यादव, सहिया सुशीला उरांव और प्रमिला देवी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. पेशरार के किसानों के लिए फसल सुरक्षा पर मिला प्रशिक्षण
किस्को. पेशरार प्रखंड के किसानों को जिला कृषि कार्यालय लोहरदगा के एटीक सेन्टर में फसल सुरक्षा अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम सत्र आयोजित किया गया.इस कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर एरेन टोप्पो ने कीट नियंत्रण, बीजोपचार,जैविक खेती, जीवामृत, ब्रह्मामशात्र आदि पर विस्तृत जानकारी दी. मौके पर बीटीएम ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देना है. कार्यक्रम में किसानों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को साझा किया.मौके पर जिसमें कृषि विभाग आत्मा के परियोजना निदेशक,एग्रीकिलनिक, प्रगतिशील किसान, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक,व प्रशिक्षण लेने वाले किसान उपस्थित थे.