लोहरदगा़ जिले में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत के बीच उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने समाहरणालय सभाकक्ष में तेल कंपनियों (एचपीसीएल, बीपीसीएल, आइओसीएल, रिलायंस) के सेल्स मैनेजरों और पंप संचालकों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में तेल कंपनियों के प्रबंधकों ने दावा किया कि जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और इसकी कोई कमी नहीं है. पैनिक न हों आमजन, प्रशासन रखेगा निगरानी : उपायुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न हों और आवश्यकतानुसार ही वाहनों में तेल भरवाएं. उन्होंने पंप संचालकों को प्रशासन के साथ समन्वय बनाने और किसी भी समस्या की तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया. साथ ही अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी करने को कहा. बैठक में डीडीसी (प्रभार) सुषमा नीलम सोरेंग, डीटीओ जया सांखी मुर्मू, डीएसओ मनीष कुमार सहित तेल कंपनियों के सेल्स प्रबंधक व पंप संचालक संजय बर्मन, अभिषेक पोद्दार आकाश पंकज सहित अन्य लोग मौजूद थे. पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड, जेनरेटर व मालवाहक वाहन चालक परेशान : एक तरफ प्रशासन आपूर्ति सामान्य बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में तेल खत्म हो गया है. इससे मालवाहक वाहन, बॉक्साइट ट्रक और डीजल टेंपो चालक परेशान हैं. पंपों पर डब्बे या गैलन में तेल नहीं दिया जा रहा है, जिससे अस्पताल, होटल, मॉल, बैंक और घरेलू जेनरेटर का उपयोग करने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया है. बोतलों में बिक रहा तेल, हादसे को आमंत्रण : किल्लत के बीच शहरी और ग्रामीण इलाकों में ईंधन की कालाबाजारी चरम पर है. जगह-जगह बोतलों और डब्बों में रखकर ऊंचे दामों पर पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है. रिहायशी इलाकों और दुकानों में इस तरह खुलेआम ईंधन रखना किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है.
तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, पैनिक होने की आवश्यकता नहीं
तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, पैनिक होने की आवश्यकता नहीं
