ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए जैविक खेती लाभदायक

ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए जैविक खेती लाभदायक

सेन्हा़ प्रखंड मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सभागार में समेकित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत मनरेगा योजना से जुड़े मुखिया, पंचायत सचिव और रोजगार सेवकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण प्रदान संस्था के प्रशिक्षक गोल्डन कुमार ने दिया. प्रशिक्षक ने मिट्टी, जल, वन, चरागाह और कृषि जैसे प्राकृतिक संसाधनों के समेकित और टिकाऊ उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल संरक्षण करने, पर्यावरण असंतुलन रोकने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना जरूरी है. ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए जैविक खेती, बहुफसली प्रणाली, सूखा सहनशील बीज का उपयोग तथा गाय, बकरी, मुर्गी, सूकर और बतख पालन जैसी गतिविधियां लाभदायक साबित हो सकती हैं. उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक कर वित्तीय वर्ष के चयनित समीकरण तय कर शीघ्र योजनाएं शुरू की जाये. जरूरत पड़ने पर पंचायतवार प्रशिक्षण प्रदान संस्था की ओर से दिया जाएगा. इसके अलावा 15वें वित्त आयोग से होने वाले विकास कार्यों में राशि भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गयी. इस अवसर पर मुखिया, पंचायत सचिव और रोजगार सेवकों को बताया गया कि राशि भुगतान समय पर करने से विकास योजनाओं की गति तेज होगी. कार्यक्रम में वंदना कुमारी, परमेंद्र कुमार, रामस्वारथ महतो, दिलीप उरांव, बसंती देवी, राजश्री उरांव, शोभा देवी, कमला देवी समेत सभी पंचायत प्रतिनिधि और रोजगार सेवक मौजूद थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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