बाबा के दर से कोई अकीदतमंद खाली हाथ नहीं लौटता
बाबा के दर से कोई अकीदतमंद खाली हाथ नहीं लौटता
लोहरदगा़ सूफी संत हजरत बाबा दुखन शाह रहमतुल्लाह अलैह के 101वें सालाना उर्स मुबारक पर पूरा लोहरदगा शहर आस्था, प्रेम और सूफियाना कलाम की खुशबू से सराबोर हो उठा. उर्स के पहले दिन अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा एवं उर्स इंतजामिया कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में भव्य महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया, जिसने देर रात तक जायरीनों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में जायरीन बाबा की मजार पर हाजिरी देने पहुंचे और चादरपोशी कर मुल्क की तरक्की, अमन-चैन व आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं. इंसानियत का पैगाम देता है बाबा का दर : कव्वाली मुकाबले का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम एवं अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. इस अवसर पर शमशेर आलम ने कहा कि हजरत बाबा दुखन शाह की करामात और उनकी ख्याति पूरे झारखंड में मशहूर है. बाबा के दर से कोई भी अकीदतमंद मायूस नहीं लौटता. यहां का माहौल मोहब्बत, सौहार्द और इंसानियत का पैगाम दूर-दूर तक फैलाता है. यह स्थान साझी विरासत का प्रतीक है. अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत : कार्यक्रम के दौरान अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा के सदर अब्दुल रऊफ अंसारी, सचिव शाहिद अहमद बेलू, नाजिम-ए-आला हाजी अब्दुल जब्बार अंसारी, कोषाध्यक्ष फिरोज शाह, उपाध्यक्ष हाजी नईम खान, सैयद आरिफ हुसैन बबलू, सहसचिव अनवर अंसारी एवं अल्ताफ कुरैशी ने अतिथियों का पगड़ीपोशी व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया. इसके पश्चात उर्स इंतजामिया कमेटी के फारूक कुरैशी, जफर इमाम, वासिफ कय्यूम, सरवर खान, मोजम्मिल अंसारी समेत अन्य सदस्यों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया. कव्वाली में दिखा देशभक्ति और सूफियाना रंग : आयोजित महफिल-ए-कव्वाली में मशहूर कव्वाल आतिश मुराद और नेसार जानी के बीच शानदार मुकाबला हुआ. कव्वालों ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम पेश कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. आतिश मुराद ने “कभी किसी से तकब्बुर की बात न करना”, “अल्लाह तेरी बड़ी शान है” के साथ-साथ “हमारा खून निचोड़ो तो हिंदुस्तान निकलेगा” जैसे देशभक्तिपूर्ण कलाम पेश किये. वहीं, नेसार जानी ने “दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए” और “मैं आशिक-ए-नबी हूं मुझे मदीना दिखा दें” पेश कर महफिल में समां बांध दिया. मौके पर ये थे मौजूद : कार्यक्रम में मुख्य रूप से थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रत्नेश मोहन ठाकुर, एसआइ रमेश तिवारी, मजलिस-ए-आमला के सलीम अंसारी बड़े, नेसार अहमद, मो खलील खान, गुलाम मुर्तजा खलीफा, मो शमीम खलीफा, हाजी इमरान, नसीम वकील, मोकिम खान, मो इब्राहिम एजेंट, इरशाद आलम, अब्दुल हनान खान, हाजी तौहिद अंसारी, मो मेराज, ताबिश आलम, शहनवाज अहमद, माजिद खान, शादाब आलम, रेहान अंसारी, फिरोज कुरैशी सहित काफी संख्या में अकीदतमंद मौजूद थे.
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