एनआइए की जांच में पुलिस पार्टी पर हमले का खुल रहा राज, बाराती बन लुकुइया पहुंचे थे उग्रवादी, दिया था घटना को अंजाम

तीन युवक अब भी एनआइए की रडार पर हैं. कभी भी तीनों को नोटिस भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एनआइए की जांच में अब तक जो खुलासा हुआ है, इसके अनुसार बड़की चांपी तथा सलगी के जंगलों में जमे उग्रवादी बाराती बनकर लुकुइया मोड़ पहुंचे थे तथा लुकुइया मोड़ में खड़ी पुलिस के पीसीआर वैन पर हमला करने के बाद हथियार छीन बाराती वाहन से फरार हो गये थे. कहीं न कहीं उग्रवादियों को कुछ लोगों से मदद मिली थी.जांच पड़ताल जारी है.

लोहरदगा : चंदवा थाना क्षेत्र के शंखनदी लुकुइया भाया बड़की चांपी मुख्य पथ पर लुकुइया मोड़ के समीप घटित उग्रवादी घटना की जांच कर रहे एनआइए की जांच में घटना परत दर परत खुलती जा रही है. जांच का दायरा कुड़ू प्रखंड में पहुंच गया है. दो ईंट भट्टा मालिकों से एनआइए की टीम दो बार तथा एक कुडू प्रखंड के जनप्रतिनिधि से एक बार पूछताछ हो चुकी है.

तीन युवक अब भी एनआइए की रडार पर हैं. कभी भी तीनों को नोटिस भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एनआइए की जांच में अब तक जो खुलासा हुआ है, इसके अनुसार बड़की चांपी तथा सलगी के जंगलों में जमे उग्रवादी बाराती बनकर लुकुइया मोड़ पहुंचे थे तथा लुकुइया मोड़ में खड़ी पुलिस के पीसीआर वैन पर हमला करने के बाद हथियार छीन बाराती वाहन से फरार हो गये थे. कहीं न कहीं उग्रवादियों को कुछ लोगों से मदद मिली थी.जांच पड़ताल जारी है.

क्या हुआ था 22 नवंबर 2019 को, कैसे घटी घटना, अब तक एनआइए ने कितने से की पूछताछ :

बताया जाता है कि चंदवा थाना के पीसीआर वैन में सवार होकर 22 नवंबर की काली रात को एएसआइ सुकरा उरांव, होमगार्ड के जवान यमुना राम, दिनेश राम तथा एक अन्य कुड़ू चंदवा मुख्य पथ पर हाइवे में पेट्रोलिंग के लिए निकले थे. हाइवे पर पेट्रोलिंग करने के बाद पुलिस पार्टी लुकुईया मोड़ जैसे ही पहुंची, पहले से घात लगाये उग्रवादियों ने तीन तरफ से पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया.

मौके पर एएसआई सुकरा उरांव की मौत हो गयी, जबकि इलाज के क्रम में तीन की मौत हुई थी. उग्रवादियों ने पुलिस पार्टी के हथियार छीनकर फरार हो गए थे. पुलिस पार्टी पर हमले की जांच एनआइए को सौंपी गई.

एनआइए की जांच में खुलासा हुआ कि पुलिस पार्टी पर हमले के लिए ईंट भट्टा मालिकों तथा चंदवा के एक ठेकेदार ने उग्रवादियों के लिए फंडिंग की थी. फंडिंग के बाद उग्रवादियों ने लुकुईया मोड़ पर पुलिस पार्टी पर हमले की रेकी की थी. सलगी तथा बड़की चांपी के जंगलों में हमले से पहले उग्रवादियों का जमावाड़ा लगा था. एक पिकअप वाहन में बाराती के रूप में उग्रवादी सवार होकर लुकुइया मोड़ पहुंचे तथा पुलिस पार्टी का इंतजार कर रहे थे.

पुलिस पार्टी के पहुंचते ही तीन तरफ से हमला कर दिया गया. जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. बीस मिनट में ही हमले को अंजाम देकर उग्रवादी वाहन में सवार होकर निकल गये थे. एनआइए की जांच में खुलासा हुआ कि घटना को भाकपा माओवादी संगठन के सब जोनल कमांडर रवींद्र गंझू के दस्ते ने अंजाम दिया था. लोहरदगा पुलिस से रवींद्र गंझू की पत्नी ने बताया था कि एक ईंट भट्ठा मालिक ने उन्हें काफी मदद की है. घर बनाने के लिए ईंट भी दिया है.

कुड़ू के तीन तथा चंदवा के दो व्यसायियो से एनआइए कर चुकी है पूछताछ, एक के घर पर छापामारी हुई : बताया जाता है कि लुकुइया मोड़ में घटित पुलिस पार्टी पर हमले की जांच के क्रम में एनआइए की टीम ने कुड़ू के दो ईंट भट्टा मालिकों एक पंचायत के जनप्रतिनिधि चंदवा के दो ठेकेदार से पूछताछ कर चुकी है. एक ठेकेदार के यहां टेरर फंडिंग मामले को लेकर छापामारी भी हुई है. सूत्रों ने बताया कि उग्रवादियों के टेरर फंडिंग मामले की जांच में जुटी एनआइए को कुड़ू के दो ईंट भट्टा मालिकों से प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >