लोहरदगा़ प्रांतीय आर्य वीर दल व गुरुकुल शांति आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में रानी लक्ष्मीबाई आर्य वीरांगना शिविर का आयोजन किया गया. शिविर के पांचवें दिन प्रशिक्षार्थियों को योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार, सर्वांग सुंदर व्यायाम, लाठी-डंडा, भूमि नमस्कार, तलवार, भाला, कराटे, लेजियम और विभिन्न खेल विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया. इससे पूर्व, प्रातः कालीन दैनिक यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसे ब्रह्मा आचार्य आशीष कुमार शास्त्री ने संपन्न कराया. इस अवसर पर गुरुकुल आश्रम आमसेना (महाविद्यालय) से आये आचार्य कोमल महाराज ने कहा कि यज्ञ हमें पर्यावरण रक्षा के साथ अपनी संस्कृति का बोध कराता है. यज्ञ में विभिन्न जड़ी-बूटियों की आहुति देने से कई बीमारियां दूर होती हैं. उन्होंने कहा कि जीवन से बुराइयों को मिटाने के लिए हमेशा अच्छे कार्यों में भाग लेना चाहिए, ताकि धर्म-अधर्म का ज्ञान हो सके. ज्ञान के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा करना ही आर्य समाज का परम उद्देश्य है. युवा पीढ़ी को सतर्क रहने की जरूरत : शरदचंद्र : मौके पर आचार्य शरदचंद्र आर्य ने कहा कि आज के समय में बेटियों को जीजा माता, अहिल्याबाई होलकर और माता सीता जैसी महान देवियों को अपना आदर्श बनाना चाहिए. उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा पीढ़ी को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया. इस अवसर पर आचार्य गणेश शास्त्री, आचार्य सोमनाथ शास्त्री, महादेव पहलवान, रोहित कुमार, मिथिलेश प्रजापति, व्यायाम शिक्षक गोपी आर्य और जंग बहादुर समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
बेटियों को अहिल्याबाई व माता सीता को आदर्श बनाने की प्रेरणा
बेटियों को अहिल्याबाई व माता सीता को आदर्श बनाने की प्रेरणा
