किस्को़ प्रखंड मुख्यालय सभागार में प्रजायत्न संस्था के तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमेरेसी और पंचायत ज्ञान केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करना था. कार्यशाला में पंचायतों की स्कूलों में सहभागिता और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया. शिक्षित गांव से ही मजबूत होगी नींव : डीपीआरओ : मुख्य अतिथि डीपीआरओ अंजना दास ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने बड़ी उम्मीदों से चुना है. वार्ड स्तर पर बच्चों के लिए शिक्षा का सकारात्मक माहौल बनाना सबकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि आज के छोटे प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव लायेंगे. वहीं, बीपीआरओ सुनील कुमार ने जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत की विभिन्न समितियों के माध्यम से बेहतर जनसेवा करने के गुर सिखाये. उन्होंने आंगनबाड़ी और विद्यालयों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया. शिक्षा के अधिकार पर हुई चर्चा : संस्था के प्रशिक्षक रामबाबू ने ””””शिक्षा का अधिकार अधिनियम”””” और ग्राम शिक्षा समिति के दायित्वों पर विस्तार से जानकारी दी. कार्यशाला में आंगनबाड़ी व स्कूलों के सहयोग के लिए रणनीतिक योजना भी बनायी गयी. मौके पर संस्था के अनिल, इसराफिल, जीतेन, पूनम, प्रिया सहित सभी नौ पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रधान और वार्ड सदस्य उपस्थित थे. यह पहल पंचायत स्तर पर शिक्षा को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी.
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