पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर चर्चा

पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर चर्चा

By SHAILESH AMBASHTHA | January 12, 2026 10:25 PM

सेन्हा़ प्रखंड की अलौदी पंचायत स्थित रानीगंज बाजार टांड़ में सोमवार को 15 पड़हा गढ़कसमार बेल के तत्वावधान में पड़हा समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें जहां एक ओर सामाजिक विवाद काे सुलझाया गया, वहीं दूसरी ओर झारखंड सरकार द्वारा लागू पेसा कानून के मद्देनजर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ. आभूषण व नगदी लेकर भागने का मामला सुलझा : बैठक में भंडरा प्रखंड के ग्राम पझरी निवासी बबलू उरांव और अगरडीह की एक युवती के बीच प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला सामने आया. आरोप था कि युवती, बबलू के घर पर दो-तीन दिन रहने के दौरान वहां से करीब 26 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर लेकर भाग गयी थी. लड़का पक्ष द्वारा पड़हा समाज को दिये गये आवेदन पर संज्ञान लेते हुए समाज ने दोनों पक्षों को बुलाया. पंचायत के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पड़हा समाज ने उचित फैसला सुनाते हुए मामले का निष्पादन किया. महतो, पहान व पुजार को ग्राम सभा मजबूत करने का निर्देश : बैठक में पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संयोजक विनोद भगत और जिला दीवान संजीव भगत ने कहा कि पड़हा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाना समय की मांग है. उन्होंने पड़हा समाज के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के महतो, पहान और पुजार को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सक्रिय और मजबूत करें. मौके पर उप बेल शिव शंकर टाना भगत, 15 पड़हा गढ़कसमार के बेल मनीष उरांव, दीवान डहरु उरांव, हेसाग मुखिया कुलदीप उरांव, उप मुखिया गोपाल उरांव, मंतोष उरांव, सूरज, मंगरा, रामजीत, कुलेश्वर व लक्ष्मण टाना भगत समेत धोबाली व पालमी पड़हा के कई पदाधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.

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