कोरोना वायरस की वजह से लोहरदगा में नहीं दिखी सरहुल की धूम, सादगी से मन रहा प्रकृति पर्व

Coronavirus affected sarhul festival in lohardaga district of jharkhand लोहरदगा : दुनिया भर में अपना खौफ फैला देने वाले कोरोना वायरस का असर प्रकृति पर्व सरहुल पर भी दिख रहा है. लोहरदगा जिला में इस बार सरहुल की धूम नहीं दिख रही. कोरोना वायरस की महामारी की वजह से इस वर्ष बेहद सादगी से यह पर्व मनाया जा रहा है.

गोपी कुंवर

लोहरदगा : दुनिया भर में अपना खौफ फैला देने वाले कोरोना वायरस का असर प्रकृति पर्व सरहुल पर भी दिख रहा है. लोहरदगा जिला में इस बार सरहुल की धूम नहीं दिख रही. कोरोना वायरस की महामारी की वजह से इस वर्ष बेहद सादगी से यह पर्व मनाया जा रहा है.

जिला में कोरोना वायरस से निबटने के हरसंभव उपाय किये जा रहे हैं. प्रशासन पूरी तरह चुस्त है और लोगों को लॉकडाउन में अपने घरों में रहने की लगातार हिदायत भी दी जा रही है और आग्रह भी किया जा रहा है. राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव एवं सांसद धीरज प्रसाद साहू ने लोहरदगा आकर जिले के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की.

मंत्री ने अपने विधायक कोष से 20,00,000 रुपये (बीस लाख रुपये) कोरोना की रोकथाम के लिए दिये. वहीं, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बड़ी संख्या में मास्क का वितरण कराया. उन्होंने कहा कि सैनिटाइजर और मास्क वे लगातार उपलब्ध कराते रहेंगे.

श्री साहू ने बताया कि लोहरदगा जिला के कई इलाकों में गणमान्य लोगों को बुलाकर उन्हें मास्क दिया गया है. वह अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में जरूरतमंदों के बीच इसका वितरण करेंगे. राज्यसभा सांसद ने लोहरदगा सदर अस्पताल में दो वेंटिलेटर देने की भी घोषणा की, जिससे स्वास्थ सुविधा सुदृढ़ होगी.

राज्यसभा सांसद ने सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिंह एवं डॉ शंभुनाथ चौधरी को सदर अस्पताल में मरीजों के लिए मास्क उपलब्ध कराया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो भी जरूरत होगी, उसकी पूर्ति के लिए वह अपनी ओर से हरसभव प्रयास करेंगे. सांसद ने अधिकारियों से कहा कि वह उन्हें लगातार इस बात से अवगत कराते रहें कि अस्पताल में किन चीजों की जरूरत है.

जमाखोरों पर प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन के द्वारा जमाखोरों पर नजर रखी जा रही है. राशन की दुकानें, दवा दुकानें, गैस की दुकानें खुली हुई हैं. जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त लगा रहे हैं. लोगों को इस बात के लिए जागरूक कर रहे हैं कि वे अपने घरों में ही रहें. कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए लॉकडाउन जरूरी है.

पुलिस प्रशासन के द्वारा क्षेत्र में गश्त की जा रही है. पुलिस लोगों से आग्रह कर रही वे अपने घरों में रहें. अति आवश्यक न हो, तो घरों से बिल्कुल न निकलें. जरूरत की सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. कहीं भी किसी चीज की कमी नहीं है. पुलिस और प्रशासन की जमाखोरों पर कड़ी नजर हैं.

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए सबों का सहयोग जरूरी है. लोहरदगा जिला के ग्रामीण इलाकों में लगने वाले हाट, बाजार वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बंद हैं.

उधर, प्रकृति पर्व सरहुल पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल में लोग अपने घरों में रहकर ही मना रहे हैं. लोहरदगा जिला में ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम सोशल मीडिया के माध्यम से चल रहे हैं. लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी और दूसरे लोगों की जान को खतरे में न डालें.

उधर, नगर परिषद शहरी क्षेत्र में कीटनाशकों का छिड़काव कर रहा है. स्वच्छता अभियान पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कोरोना वायरस का संक्रमण किसी भी तरह से न फैले.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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