देशहित व बेहतर अर्थव्यस्था के लिए जनगणना आवश्यक : सि असरिता

देशहित व बेहतर अर्थव्यस्था के लिए जनगणना आवश्यक : सि असरिता

लोहरदगा़ उर्सुलाइन बालिका उच्च विद्यालय के सभागार में गुरुवार को जनगणना जागरूकता के उद्देश्य से रोमांचक प्रश्नोत्तरी और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य छात्राओं में जनसंख्या गणना के प्रति जागरूकता पैदा करना और उनके सामान्य ज्ञान व त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना था. प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाया दम : कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाध्यापिका सि असरिता की उपस्थिति में हुई. प्रतियोगिता में कक्षा 7 से 10वीं तक की छात्राओं ने भाग लिया. जूनियर वर्ग (कक्षा 7-8) की प्रश्नोत्तरी में कक्षा 7-बी की आइफा परवीन और रिया कुमारी ने बाजी मारी. वहीं, सीनियर वर्ग (कक्षा 9-10) में कक्षा 10-सी की सुप्रिया इंदवार और मानसी कुमारी विजेता रहीं. निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 10-बी की आकांक्षा कुमारी प्रथम, 10-ए की अंजलि कुमारी द्वितीय और 9-सी की अदिति कुमारी मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं. देश के विकास का आधार है जनगणना : प्रधानाध्यापिका सि असरिता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि देशहित में हर 10 वर्ष में जनगणना अनिवार्य है. इसी के माध्यम से हमें भारतीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की वास्तविक स्थिति का पता चलता है. उन्होंने जोर दिया कि एक शिक्षित नागरिक होने के नाते जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक अजय, हेमलता, सि पुष्पा, सि मोदेस्ता समेत स्कूल के समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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