कोलसिमरी लैंपस में धान तौल में धांधली का आरोप, आक्रोशित किसानों ने जड़ा ताला

कोलसिमरी लैंपस में धान तौल में धांधली का आरोप, आक्रोशित किसानों ने जड़ा ताला

कुड़ू़ प्रखंड के कोलसिमरी लैंपस में धान खरीदारी के दौरान वजन में हेरफेर का बड़ा मामला सामने आया है. धान तौल में गड़बड़ी से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने लैंपस के मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों का सीधा आरोप है कि लैंपस प्रबंधक और अध्यक्ष की मिलीभगत से इलेक्ट्रॉनिक कांटा मशीन में छेड़छाड़ कर प्रति बैग एक किलोग्राम धान कम तौला जा रहा है. ऐसे हुआ मामले का खुलासा : बताया जाता है कि सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2450 रुपये की दर से लैंपस में धान की खरीदारी हो रही है. बुधवार को जब लैंपस में एक साथ दो कांटे लगाये गये, तब मामले का खुलासा हुआ. किसानों ने देखा कि एक मशीन में वजन सही बता रहा है, जबकि दूसरी मशीन में प्रति बैग एक किलो कम वजन आ रहा है. इसके बाद किसान सूरज कुमार, व्यास कुमार, राजू उरांव, जयकुमार यादव, प्रेम प्रकाश महतो, अमित महतो, संतोष पासवान, राम दर्शन गोप, ललित टाना भगत सहित अन्य ने हंगामा शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद पांच किसानों को दोबारा वजन कराकार धान अधिप्राप्ति की रसीद दी गयी़ किसानों का दावा है कि अब तक लगभग दो दर्जन किसानों का करीब तीन क्विंटल धान कम वजन किया जा चुका है. अधिकारियों की पहल और आरोप-प्रत्यारोप : हंगामे की सूचना मिलते ही प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) रामनिवासन सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से जानकारी ली. किसानों ने बताया कि विरोध स्वरूप लैंपस में ताला जड़ा गया था, जिसे रात में संचालक ने तोड़ दिया. इधर, लैंपस अध्यक्ष सोमनाथ भगत ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मशीन में कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है, कुछ लोग जबरन आरोप लगा रहे हैं. वे किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार हैं. वहीं, नोडल पदाधिकारी लक्की उर्बन लकड़ा ने कहा कि गड़बड़ी की शिकायत मिली है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh ambashtha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >