भंडरा-लोहरदगा : धनामुंजी गांव पहाड़ के किनारे-किनारे में बसा हुआ है. चट्टान के किनारे बसा होने के कारण इस गांव में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है. गांव की आबादी 900 है. गांव में अभी दो ही चापाकल से पानी निकल रहा है
गांव के लोगों का कहना है कि चापाकलों की मरम्मत नहीं होने के कारण पानी की समस्या और भी बढ़ जाती है. धनामुंजी गांव के दो चापाकल में 900 की आबादी अभी पानी के लिए आश्रित है. चापाकलों में दिन भर लोगो की भीड़ लगी रहती है. गांव के दानियल लकड़ा बताते हैं कि गांव में भंडरा की तरफ से जाने के क्रम में ही एक चापाकल की जरूरत है. इस गांव के लोग स्कूल के चापाकल से पानी भरते हैं.
