चुआं खोद कर प्यास बुझा रहे हैं लोग

कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के सलगी पंचायत अंतर्गत एक गांव है नामुदाग. गांव की आबादी 110 है. इसके अलावा इसी गांव का दो टोला है पुटकोटांड़ एवं पिपराही है. तीनों टोलों में कुल 36 मकान हैं. पेयजल के लिए नामुदाग में दो चापानल लगाया गया है. इसमें एक पिछले छह माह से खराब पड़ा हुआ […]

कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के सलगी पंचायत अंतर्गत एक गांव है नामुदाग. गांव की आबादी 110 है. इसके अलावा इसी गांव का दो टोला है पुटकोटांड़ एवं पिपराही है. तीनों टोलों में कुल 36 मकान हैं. पेयजल के लिए नामुदाग में दो चापानल लगाया गया है. इसमें एक पिछले छह माह से खराब पड़ा हुआ है.

जबकि दूसरा सुबह आठ बजे के बाद पानी छोड़ देता है. नतीजा पानी के लिए लोग अहले सुबह जल्दी जगते हैं. जो छूट जाते हैं, उनका सहारा नदी है. जबकि पिपराही एवं फुटकोटांड़ के ग्रामीण सालो भर महादेव मंडा नदी से अपनी प्यास बुझाते हैं. नदी में गड्ढा खोद लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं.

पेयजल की समस्या गंभीर : नामुदाग के विनोद गंझू ने कहा कि गांव में सबसे ज्यादा परेशानी गरमी एवं बरसात में होता है. गरमी में पेयजल की समस्या होती है. पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ता है. बरसात के दिनों में गांव टापू बन जाता है. एतवा गंझू ने कहा कि गांव के विकास हेतु कई बार प्रखंड एवं जिला प्रशासन से गुहार लगाया गया है.

कोई कार्रवाई नहीं हुई. सूरजी देवी, विदाशी गंझू, लुडुवा गंझू, रूपनी देवी, जिरवा देवी समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल के लिए भारी परेशानी होती है. नदी नहीं होता तो पीने के लिए पानी चारागद्दी चार किमी, चांपी छह किमी जाना पड़ता.

गांव में पेयजल की होगी व्यवस्था : सलगी पंचायत के मुखिया सरस्वती देवी ने बताया कि खराब पड़े चापानल को ठीक कराया जायेगा. गांव में पेयजल के लिए और चापानल जरूरत के हिसाब से लगाया जायेगा.

गरमी से परेशानी : ग्रामीणों का कहना है कि गरमी के मौसम पेयजल के लिए अधिक परेशानी होती है. नदी जा कर पानी लाना मुश्किल होता है. बच्चों को भी काफी परेशानी होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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