रोक के बाद भी बालू का उठाव जारी
लोहरदगा के विभिन्न क्षेत्रों में बालू का उठाव जारी है, जबकि इस पर रोक लगायी है़ नदियों से प्रति दिन ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई हो रही है, जिसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है
लोहरदगा़ : सरकार के निर्देश के बाद भी लोहरदगा में बालू का उठाव नहीं रूक रहा है. अहले सुबह एवं देर रात नदियों से बालू का उठाव हो रहा है. झारखंड सरकार के उद्योग, खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक सह विशेष सचिव सत्य प्रकाश नेगी ने 26 फरवरी को सभी उपायुक्त, सभी एसपी एवं खनन पदाधिकारी को पत्र भेज कर नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल कोलकाता द्वारा पारित आदेश के आलोक राज्य में बिना पर्यावरण स्वीकृति एवं सीटीओ के बालू खनन पर पूर्णत: रोक लगा दिये जाने की जानकारी दी है. साथ ही इस आदेश का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
इस पत्र के आधार पर सहायक खनन पदाधिकारी ने पांच मार्च को पत्र लिख कर लोहरदगा में बालू घाट का ठेका लेने वालों को निर्देश दिया था कि बालू घाटों से बालू का उत्तोलन पूर्णत: बंद कर दे. इसके बावजूद जिले में बालू का उठाव किया जा रहा है. कई बालू घाटों में अभी भी बगैर रसीद के पैसा वसूल किया जा रहा है
ऊंचे दर पर शहर में बालू की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है.इस संबंध में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि बालू उठाव पर पूर्णत: रोक लगा दी गयी है. इसके बावजूद बालू का उठाव किया जा रहा है, तो उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जायेगी़ क्षेत्र के कुछ जागरूक लोगों ने बताया कि पहले चार सौ से साढ़े चार सौ रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से बालू की बिक्री की जाती थी, लेकिन अभी सात सौ से लेकर एक हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से बिक्री हो रही है़
