आंदोलनकारियों को अलग पहचान दी जाये : पुष्कर
लोहरदगा. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक में आंदोलनकारियों के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर चर्चा हुई. संस्थापक सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि आंदोलनकारियों की निरंतर मृत्यु चिंताजनक है और सरकार को शीघ्र ही उन्हें राजकीय मान-सम्मान एवं पेंशन देने की दिशा में कदम उठाना चाहिए. उन्होंने बताया कि आज भी लगभग 10 हज़ार आंदोलनकारी अपने स्वाभिमान और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं. श्री महतो ने मांग की कि आंदोलनकारियों को अलग पहचान दी जाये, जेल जाने की बाध्यता समाप्त की जाये और सभी को 50-50 हज़ार रुपये की सम्मान पेंशन राशि जल्द से जल्द प्रदान की जाये. बैठक लोहरदगा जिला के ब्लॉक चौक स्थित सहकारिता भवन में हुई.आंदोलनकारियों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामनंदन साहू ने की. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है और उनके सम्मान से ही अबुआ सरकार की लोकप्रियता व पहचान है. प्रमंडलीय अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि संघर्ष से ही सम्मान की दिशा में सकारात्मक राह आसान होगी.कार्यक्रम का संचालन हरि गोप ने किया और धन्यवाद ज्ञापन मनमोहन साहू ने दिया. इस मौके पर अनंत राम, आयता उरांव, ताहिर अंसारी, छेदी अंसारी, विजय विद्यार्थी, शाहिद अंसारी, सुरेन्द्र ठाकुर, अमानत अंसारी, सूकारो देवी, जसिंता केरकेट्टा, हरि उरांव, फुलदेव भगत, कलीम अंसारी, हाजी सुल्तान अंसारी, केले उरांव, राजेंद्र उरांव, शमसाद अंसारी, मकबूल अंसारी, फूलो देवी, रामजी उरांव, बसीता देवी सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित रहे
