परेशानी. गंदगी से लोगों को टूटने लगा है सब्र का बांध
सरकार सफाई के नाम पर प्रति माह लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन कई दफा इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता़ जगह-जगह पसरे कचरे के ढेर से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है़ लोग इसके लिए सरकार को कोसते हैं, लेकिन इसके लिए चंद लोग ही जिम्मेवार है़
नगर पर्षद को नहीं है सफाई की चिंता
लोहरदगा़ : नगर पर्षद द्वारा सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है़ वैसे तो प्रतिमाह सफाई के नाम पर लाखों रुपये नगर पर्षद द्वारा खर्च किये जाते हैं, लेकिन जगह-जगह कचरे के ढेर दिखते ही हैं. नगर पर्षद क्षेत्र के कॉलेज रोड ललित नारायण स्टेडियम के सामने की नालियां गंदगी से भरी पड़ी है़ गंदगी एवं दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है.
नाली का पानी सड़कों पर बह रहा है. लेकिन इस ओर न तो वार्ड कमिश्नर का ध्यान है और न ही नगर पर्षद प्रशासन का. इधर, शहर के तिवारी दूरा इलाके में भी गंदगी का ढेर महीनों से लगा है. लोगों का कहना है कि शायद ही कभी इस इलाके में सफाई होती है.
शहरी क्षेत्र के शास्त्री चौक के पास स्थित डीएवी जूनियर स्कूल के बगल में भी हमेशा कचरे का ढेर लगा रहता है. कमोबेश शहर के अन्य मुहल्लों की स्थिति भी इसी तरह की है. अब यहां के लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है़ कुछ लोग सड़क पर उतरने का मन बना रहे हैं़
