स्थल का सही चुनाव नहीं होने से निर्माण कार्य बंद

लोहरदगा़ : सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण योजनाएं बेकार साबित हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार, अभियंताओं की उदासीनता एवं लापरवाही के कारण सरकारी राशि का दुरूपयोग होता है और लोगों को इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है. ऐसा ही मामला लघु सिंचाई […]

लोहरदगा़ : सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण योजनाएं बेकार साबित हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार, अभियंताओं की उदासीनता एवं लापरवाही के कारण सरकारी राशि का दुरूपयोग होता है और लोगों को इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है.
ऐसा ही मामला लघु सिंचाई विभाग द्वारा किस्को प्रखंड के होंदगा नदी में श्रृंखलाबद्ध चेकडैम निर्माण का है. होन्दगा नदी में श्रृंखलाबद्ध चेकडैम बना कर लोगों को सिंचाई सुविधा मुहैया कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2010-11 में एआइबीपी योजना अंतर्गत करोड़ो रुपये की लागत से चेकडैम निर्माण कार्य शुरू किया गया था. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए संवेदक को एक वर्ष का समय दिया गया था. संवेदक एमएस प्रिंस कंस्ट्रक्सन ने काम शुरू किया. आरोप है कि काम जैसे-तैसे कुछ दिनों तक चला, इसके बाद कार्य बंद कर दिया गया.
स्थल चयन को लेकर विवाद
सूत्र बताते हैं कि निर्माण कार्य स्थल चयन विवाद को लेकर बंद करा दिया गया़ और जब तक स्थल की पहचान होती, तब तक विभाग से संवेदक को 54 लाख रुपये की राशि दे दी गयी.
साथ ही अभियंता ने अपने बचाव के लिए 54 लाख रुपये की मापी पुस्त तैयार कर दी़ योजना स्थल की उपयोगिता नगण्य होने की शिकायत के बाद योजना की स्थल जांच की गयी, तो निर्माण कार्य की उपयोगिता समझ में आयी़ इसके बाद पदाधिकारी ने कार्य को स्थल चयन गलत होने का कारण बना कर स्थगित कर दिये , तब से यह कार्य बंद पड़ा है.
राशि वापसी के लिए कार्रवाई शुरू
काम बंद होने के बाद योजना के विरुद्ध की गयी निकासी एवं मापी पुस्त में दर्ज राशि की वापसी के लिए कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता पर दबाव बनाया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि कार्य के कनीय अभियंता केदार प्रसाद राय, सच्चिदानंद सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह एवं सहायक अभियंता मकर चौधरी से राशि वापस लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.
बताया जा रहा है कि चेकडैम का निर्माण हो जाने से आसपास की हजारों एकड़ भूमि सिंचित होती. काम शुरू होते ही लोगों में आशा जगी थी कि अब हमलोग नदी किनारे साल में दो फसली एवं साग सब्जी उत्पादन कर आत्मनिर्भर हो जायेंगे, लेकिन किसानों की आशा में पानी फिर गया.
कार्रवाई हो रही है: अभियंता
लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राम प्रसाद सिंह का कहना है कि चेकडैम निर्माण कार्य में विभागीय कार्रवाई चल रही है. जब तक कार्रवाई पूरी नहीं होगी, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकेगा.

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