लोहरदगा : डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई. इसमें डीसी ने शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया. कहा कि भारत के प्रधानमंत्री पूरे देश को स्वच्छ बनाने में जुटे हैं. अत: इस मुहिम में सभी की भागीदारी होनी चाहिए. डीसी ने निर्देश दिया कि पूरे लोहरदगा जिला को दिसंबर 2016 तक खुले में शौच से मुक्त बनाया जाये. इसके लिए युद्ध स्तर पर काम करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में कैरो प्रखंड को मार्च 2016 तक खुले में शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. यहां भी युद्ध स्तर पर कार्य कराने की बात कही गयी. उपायुक्त ने कहा कि शौचालय निर्माण कार्य का नियमित रूप से अनुश्रवण होना चाहिए. विभागीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर इसका मॉनीटरिंग करें. लोगों को शौचालय निर्माण एवं इसके उपयोग के लिए प्रेरित किया जाये. स्वच्छता का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने की भी बात कही गयी. कहा गया कि जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकती है. लोगों को जागरूक करने पर भी बल दिया गया.
नौ फरवरी को ओडीएफ वाले पंचायतों के मुखिया की बैठक डीसी की अध्यक्षता में करायी जायेगी और इसमें उन्हें भी जिम्मेवारी दी जायेगी. वर्तमान समय में लोहरदगा जिला के 14 पंचायत ओडीएफ के कगार पर हैं. इनमें कैरो प्रखंड के छह पंचायत भी शामिल हैं.
उपायुक्त ने कार्य में लापरवाही बरतनेवालों पर कार्रवाई की भी बात कही. बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता विपिन बिहारी सिन्हा, सहायक अभियंता मुकेश कुमार मंडल, कनीय अभियंता सचिंद्र मोहन झा, जहींद्र भगत, रोहित उरांव, सुमन राज खलखो आदि मौजूद थे.
दो संवेदकों पर कार्रवाई होगी
उपायुक्त की बैठक में पेयजल योजना की भी समीक्षा की गयी. इस क्रम में कुडू एवं अकाशी जलापूर्ति योजना की प्रगति पर डीसी ने असंतोष व्यक्त किया.
डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों योजनाओं के संवेदकों के खिलाफ कारवाई के लिए संचिका बढ़ायें. दोनों योजनाओं की समय सीमा समाप्त हो चुकी है और कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया है. उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. विभाग के कार्यपालक अभियंता विपिन बिहारी सिन्हा को अकाशी एवं कुडू जलापूर्ति योजना के संवेदक के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया.
