लोहरदगा : झारखंड आंदोलनकारी मोरचा की बैठक समाहरणालय मैदान में अरुण साहू की अध्यक्षता में हुई. बैठक आंदोलनकारियों की पहचान के लिए आयोग से आये आवेदन का सत्यापन नोडल पदाधिकारी के द्वारा किये जाने पर तमाम लोगों ने बधाई दी.
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जो भी सच्चे आंदोलनकारी हैं, उनका वाजिब हक दिलाने का काम करेंगे. हमारी मांग आंदोलनकारियों को नौकरी में आरक्षण, जिनका उम्र नहीं है, उनके बच्चों एवं परिवार को आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, जमीन, सरकारी नौकरी दिलाना है. मोरचा के संयोजक विनोद भगत ने कहा कि आंदोलनकारियों में भेदभाव न करें. उपाध्यक्ष नेसार अहमद ने कहा कि झारखंड राज्य का सपना तो साकार हो गया, परंतु राज्य में शेाषण, अत्याचार और भ्रष्टाचार व्याप्त है. सभी आंदोलकारियों का दायित्व है कि इसके खिलाफ भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें.
बैठक में प्रस्ताव पारित कर नौ फरवरी को समाहरणालय के समक्ष उनकी समस्याओं एवं मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में भिखराम उरांव, विनोद तमेड़ा, महबूब अंसारी, प्रवीण जायसवाल, शाहीद अंसारी, रामदेव उरांव, फजल अब्बास, बालोमनी बाखला, मलय मुखर्जी, राजकुमार गुप्ता, प्रेम साहू, अनंत राम आदि उपस्थित थे.
