लोहरदगा़ जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लोहरदगा, गुमला और लातेहार जिलों में व्याप्त गंभीर आर्थिक संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने कहा है कि लोहरदगा जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली बॉक्साइट माइनिंग और ट्रकों का परिचालन पिछले कई दिनों से पूरी तरह ठप है, जिससे लगभग 50 हजार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहे हैं. प्रभार के बाद थमा काम, आदेश का इंतजार : पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) राजाराम प्रसाद के 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद रांची के डीएमओ मोहम्मद अबू हुसैन को लोहरदगा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. उन्होंने 8 मई को प्रभार तो संभाल लिया, लेकिन अब तक माइनिंग या ट्रांसपोर्टिंग से जुड़ा कोई भी आदेश या अनुमति प्रदान नहीं की है. इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण माइंस में काम बंद है और मालगाड़ियों से बॉक्साइट की आपूर्ति भी रुक गयी है. मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग : एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि इस गड़बड़झाले के पीछे कोई निजी हित हो सकता है, जिसके कारण हजारों ट्रक मालिकों, चालकों और लोडर-अनलोडर के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. हिंडाल्को कंपनी का कहना है कि बिना विभागीय अप्रूवल के कार्य शुरू करना संभव नहीं है. कंवलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री, महामहिम राज्यपाल, पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, जिला उपायुक्त व अन्य वरीय पदाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर माइनिंग शुरू करायी जाये, ताकि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सके.
50 हजार लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट : कंवलजीत सिंह
50 हजार लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट : कंवलजीत सिंह
