फोटो- एलडीजीए-12 तकनीक का प्रदर्शन करते प्रो कंचीव लोचन.लोहरदगा. पेड़ फैक्टरी का उदघाटन प्रो कंचीव लोचन ने बीएस कॉलेज परिसर में किया. उन्होंने पेड़ों को बड़ा करने, पेड़ों को सिंचाई करने संबंधी अन्य बातों की जानकारी दी. बताया कि 15 लीटर क्षमता वाले डब्बा में अच्छी तरह खाद देकर उसमें पौधों को तीन साल तक रख कर ट्रांसप्लांट करने से पौधा आसानी से बड़ा हो जाता है. उन्हांेने पेड़ों के पटवन के भी तरीके बताये. हर पेड़दान को प्लास्टिक के पतले पाइप से जोड़ दिया गया है ये पाइप 1/2 इंच के पीवीसी पाइप से विधिवत जुड़े होते हंै. इन पीवीसी को 10 फीट ऊंची छत पर रखे टंकी से जोड़ा गया है. पानी को रेगुलेट करने के लिए 2-3 चाबियां यथावश्यक प्वांइट पर लगा दी गयी है. इस प्रकार 5 मिनट के अंदर में 150 पौधों का पटवन आराम से हो जाता है. इस प्रकार पांच डीसमिल जमीन में लगभग 100 पौधे बड़ा किये जा सकते हैं. टंकी समेत 100 पौधों की यूनिट 10 हजार रुपये में बैठायी जा सकती है. मौके पर बीएस कॉलेज के छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
आधुनिक तकनीक से पौधों की सिंचाई करें
फोटो- एलडीजीए-12 तकनीक का प्रदर्शन करते प्रो कंचीव लोचन.लोहरदगा. पेड़ फैक्टरी का उदघाटन प्रो कंचीव लोचन ने बीएस कॉलेज परिसर में किया. उन्होंने पेड़ों को बड़ा करने, पेड़ों को सिंचाई करने संबंधी अन्य बातों की जानकारी दी. बताया कि 15 लीटर क्षमता वाले डब्बा में अच्छी तरह खाद देकर उसमें पौधों को तीन साल तक […]
