सेन्हा/ लोहरदगा. ममता वाहन के हड़ताल के कारण रास्ते में बच्चे को जन्म देनेवाली बड़ा हेसाग गांव निवासी बंधना मुंडा की पत्नी ऋतु मुंडा का रो-रोकर बुरा हाल है. इसके पूर्व मंे भी ऋतु मुंडा के दो बच्चे मर चुके हैं. ममता वाहनों के हड़ताल के कारण समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हुआ. नतीजतन हेसाग से बोलेरो से आने के क्र म में बदला नदी के पास उसे प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी मृत्यु हो गयी. सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने ऋतु मुुंडा की स्वास्थ्य जांच की और उसके शरीर में खून की कमी सहित अन्य कमियां बतायी. कई जांच भी लिख दिये. जबकि ऋतु मुंडा के बच्चे की मौत, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण हुई, बताया. चिकित्सक अपनी ड्यूटी निभा दिये, लेकिन इस सदमे को गरीब महिला भुला नहीं पा रही है और वह बार-बार सिर्फ अपने बच्चे को ही याद कर रही है. उसकी हालत विक्षिप्तों जैसी हो गयी है. इस घटना के बाद गांव में भी लोग दुखी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अव्यवस्था के कारण एक नवजात शिशु की मौत दुनिया में आते ही हो गयी. सिविल सर्जन विरोनेन तिर्की का कहना है कि ममता वाहनों की हड़ताल की सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को दे दी है. इससे ज्यादा सिविल सर्जन कुछ नहीं कहती हैं. इस घटना की निंदा कांग्रेसी नेताओं ने की है और कहा है कि यदि हड़ताल नहीं तुड़वाया गया तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन करने को बाध्य होगी.
बॉक्स :::: बच्चे को याद कर लगातार रो रही है ऋतु मुंडा
सेन्हा/ लोहरदगा. ममता वाहन के हड़ताल के कारण रास्ते में बच्चे को जन्म देनेवाली बड़ा हेसाग गांव निवासी बंधना मुंडा की पत्नी ऋतु मुंडा का रो-रोकर बुरा हाल है. इसके पूर्व मंे भी ऋतु मुंडा के दो बच्चे मर चुके हैं. ममता वाहनों के हड़ताल के कारण समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हुआ. नतीजतन हेसाग […]
