लोहरदगा. जिला राजी पड़हा कोर कमेटी के तत्वावधान में 28, 29 एवं 30 अप्रैल को विशु शिकार का आयोजन चिरी पतरा में किया गया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई राजनीतिक एवं सामाजिक नेताओं को आमंत्रित किया गया है. आमंत्रित विशिष्ट व्यक्तियों की सूची मंे शामिल पूर्व मंत्री सघनू भगत का कहना है कि जिला राजी पड़हा के कोई भी व्यक्ति मुझसे इस कार्यक्रम के संबंध में बातचीत एवं संपर्क नहीं किया है. बिना मेरी सहमति के मेरे नाम का इस्तेमाल करने का उनका मानसिक ओछापन दर्शाता है. अत: मैं इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा. जहां तक आदिवासियों का वृहद उद्देश्य के लिए छोड़े-बड़े कई संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रश्न है, कहने और सुनने की दृष्टि से बहुत अच्छी बात लगती है. पहला तो इस बड़े उद्देश्य के लिए प्रयास करनेवाले लोगों को अपना नीचता साफ करनी चाहिए. सामाजिक सेवा भाव के लिए सामाजिक और राजनीतिक परिपक्वता अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अनेक सामाजिक समस्याओं से जूझ रही है. इसके समाधान के लिए सक्रिय राजनीति से दूर रहना चाहिए और चुनाव लड़ने की इच्छा का परित्याग करना चाहिए. हमेशा पड़हा क ो गुमराह कर नेताओं ने राजनीतिक इच्छा को पूर्ति करते रहे हैं, ऐसे नेता राजनीति क दलों का दामन पकड़े रहते हैं. ऐसे नेताओं का पहचान करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि तीन सीमानी पड़हा केंद्र आदिवासी समाज के उत्थान का एक दर्शन और विचारधारा है. इसके साथ मेरा पूर्ण सर्मपण एवं समर्थन है.
विशु शिकार में शामिल नहीं होंगे पूर्व मंत्री सघनू भगत
लोहरदगा. जिला राजी पड़हा कोर कमेटी के तत्वावधान में 28, 29 एवं 30 अप्रैल को विशु शिकार का आयोजन चिरी पतरा में किया गया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई राजनीतिक एवं सामाजिक नेताओं को आमंत्रित किया गया है. आमंत्रित विशिष्ट व्यक्तियों की सूची मंे शामिल पूर्व मंत्री सघनू भगत का कहना […]
