लोहरदगा : राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. अस्पताल की स्थिति को देख कर मंत्री काफी नाराज हुए. उन्होंने वाडरे में घूम कर वहां की स्थिति को देखा और भरती मरीजों से बातचीत कर उनसे कई तरह की जानकारी ली. मंत्री ने वहां उपस्थित सिविल सजर्न को व्यवस्था में अविलंब सुधार लाने का निर्देश दिया. मंत्री के निरीक्षण के क्रम में डॉ बीके पांडेय, डॉ संजय प्रसाद, डॉ सुदामा, डॉ स्मृति, डॉ इसरतजहां अनुपस्थित थे. मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इन चिकित्सकों से पहले शो काउज करने का निर्देश दिया और कहा कि इनका जवाब संतोष जनक नहीं रहा तो इन्हें निलंबित किया जायेगा. लिपिक राजेश कुमार भी अनुपस्थित थे, जिन्हें मंत्री ने तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया.
अस्पताल की व्यवस्था सुधारें
लोहरदगा : राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. अस्पताल की स्थिति को देख कर मंत्री काफी नाराज हुए. उन्होंने वाडरे में घूम कर वहां की स्थिति को देखा और भरती मरीजों से बातचीत कर उनसे कई तरह की जानकारी ली. मंत्री ने वहां उपस्थित सिविल सजर्न को व्यवस्था […]

खराब मशीनों को अविलंब ठीक करायें : मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सहित अन्य व्यवस्था एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त करने का निर्देश सिविल सजर्न को दिया. कहा कि जो भी मशीनें खराब हैं, उनकी मरम्मत अविलंब करायी जाये. मरीजों को किसी भी तरह की जांच के लिये बाहर नहीं जाना पड़े. मैं 26 तारीख को पुन: आऊंगा और यदि फिर शिकायत मिली तो निति रुप से कार्रवाई की जायेगी.
जननी सुरक्षा योजना मद की राशि से जरूरी दवा खरीदें
मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि सदर अस्पताल में दवाओं का अभाव नहीं होना चाहिए. जब वहां मौजूद सिविल सजर्न ने बताया कि दवा के लिये पैसा नहीं है तो उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के मद में राशि है तो उसी राशि से जरूरी दवा खरीदें और मरीजों को उपलब्ध करायें. मरीज भरती होगा सदर अस्पताल में और दवा खरीदेगा बाहर से, ऐसा नहीं होना चाहिए. कहा कि जब 100 शैय्या वाला भवन तैयार है तो उसमें अविलंब शिफ्ट करें. पुराने भवन में महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग ओपीडी बनायें. मंत्री ने कहा कि एक विशिष्ट आउटडोर भी शुरू किया जाना चाहिए. मंत्री ने सिविल सजर्न को निर्देश दिया कि मरीजों को उत्तम चिकित्सा, बेहतर भोजन एवं अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए. मरीजों को जो भोजन दिया जाता है, उसकी सूची बोर्ड में प्रकाशित करायें.