अध्यादेश, किसानों के लिए काला कानून है : बंधु तिर्की

कुडू (लोहरदगा) : झारखंड जनाधिकार मंच के संयोजक सह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2014 के विरोध में 10 दिवसीय जन जागरण यात्र पर निकलें हैं. यात्र के दूसरे दिन सोमवार को कुडू पहुंचे. वन विभाग के गेस्ट हाउस में ग्रामीणों के साथ बैठक की. भूमि अध्यादेश के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक […]

कुडू (लोहरदगा) : झारखंड जनाधिकार मंच के संयोजक सह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2014 के विरोध में 10 दिवसीय जन जागरण यात्र पर निकलें हैं. यात्र के दूसरे दिन सोमवार को कुडू पहुंचे. वन विभाग के गेस्ट हाउस में ग्रामीणों के साथ बैठक की. भूमि अध्यादेश के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया. बाद में पत्रकारों से विशेष बातचीत की.
श्री तिर्की ने बताया कि केंद्र एवं राज्य की भाजपानीत सरकार कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भूमि अधिग्रहण बिल को पारित कराने के लिए जल्दबाजी कर रही है. राज्य के खनिज संपदा पर भाजपा की निगाह है. अध्यादेश राज्य के किसानों के लिए काला कानून है. इस कानून के लागू होने से राज्य के किसानों की जमीन लूटने का रास्ता साफ हो जायेगा. क्योंकि कानून में लिखा गया है कि जमीन अधिग्रहण करने के लिए ग्राम सभा या भूमि मालिक की रजामंदी जरूरी नहीं है. नेशनल हाइवे मुख्य सड़क के दोनों तरफ एक-एक किमी पर कोई भवन या दुकान नहीं बनाने का कानून है.
इससे ग्रामीण बेरोजगार होंगे. इसका लाभ बड़े-बड़े उद्योगपतियों को होगा. एक सवाल के जवाब में बताये कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का जोरदार विरोध होगा. 10 दिवसीय यात्र में राज्य के लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची के विभिन्न गांव, प्रखंड से लेकर जिलास्तर पर जन जागरण यात्र पहुंचेगी. 10 जून को रांची में कार्यक्रम का समापन होगा. राज्य में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लागू नहीं होने दिया जायेगा. जरूरत पड़ी तो भाजपा एवं सहयोगी दलों को छोड़ सभी विपक्षी दल एक साथ आंदोलन में शामिल होंगे. मौके पर गंगा प्रसाद साहू, शकील खान, गुलाम मुर्तजा अंसारी, अब्दुल कुद्दुस, बुधराम उरांव, मंगा उरांव, अमीन अंसारी आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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