भंडरा-लोहरदगा. भारत को सोने की चिडि़या बनाने के लिए अन्य देशों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर रखने के लिए यहां के लोगों को नशा का त्याग करना होगा. नशा उन्मूलन का कार्य में बच्चे भावनात्मक रुप से सकारात्मक कार्य कर सकते हैं. बच्चे अपने गांव, घर, टोली में नशा का प्रयोग से होने वाला दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को बतायें. उक्त बाते डॉ मोहन सिंह ने नवउत्क्रमित उच्च विद्यालय विटपी में बच्चों क ो संबोधित करते हुए कही. नव उत्क्रमित उच्च विद्यालय विटपी के प्रांगण में पतंजलि योग समिति के द्वारा नशा उन्मूलन एवं दुर्लभ जड़ी बूटी का लाभ कार्यक्रम आयोजित की गयी. मानव सेवा, स्वास्थ्य देश, नशा उन्मूलन पर शिवशंकर सिंह, दीपक कुमार अग्रवाल,नवल गोयल, रामसुभग राय, प्राचार्य नवनीत गौड़, विजय जाययवाल, जग्रनाथ महतो, देवेंद्र प्रसाद, नवल किशोर एवं ग्रामीण उपस्थित थे.
नशा उन्मूलन एवं दुर्लभ जड़ी बूटी का लाभ कार्यक्रम
भंडरा-लोहरदगा. भारत को सोने की चिडि़या बनाने के लिए अन्य देशों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर रखने के लिए यहां के लोगों को नशा का त्याग करना होगा. नशा उन्मूलन का कार्य में बच्चे भावनात्मक रुप से सकारात्मक कार्य कर सकते हैं. बच्चे अपने गांव, घर, टोली में नशा का प्रयोग से होने वाला […]
