लोहरदगा : आउटसोर्सिंग के तहत विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने सेन्हा प्रखंड मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालिन धरना-प्रदर्शन शुरू किया. धरना में शामिल लोगों ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी लोहरदगा को ज्ञापन सौंपा. इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे.
धरना-प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों में कहा है कि 10 माह से कर्मियों के लंबित वेतन भुगतान की मांग, रोगी के गंदे कपड़े की सफाई धोबी से कराने, इपीएफ नंबर देने , इपीएफ की कटौती, 11 दिसंबर 2017 से आज तक का हिसाब देने, अतिरिक्त कार्य के बदले छुट्टी या अतिरिक्त भत्ता देने आदि की मांग की गयी.
ज्ञापन में माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार समान काम का समान वेतन दिया जाये तथा सभी आउट सोर्सिंग कर्मियों का सरकारीकरण किया जाये़ साथ ही आर्थिक आजादी कंपनी, राणा कंपनी, इपीएफ तथा राइडर कंपनी द्वारा बकाये वेतन का भुगतान अविलंब करने की मांग की गयी. मौके पर महेश सांवरिया ने कंपनी व विभाग के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आउट सोर्सिंग के विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मियों के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उन्होंने कहा कि ससमय कंपनी व विभाग भुगतान कराने में असमर्थ रहती है तो सभी कर्मी साथी व बहनों के साथ मिल कर आंदोलन की रूप-रेखा तय की जायेगी. मौके पर शशि नाग भगत, संजय प्रसाद गुप्ता, अमित कुमार, सतीश कुमार, ललीता एक्का, कविता कुमारी, रजनी कुजूर, नाजिया खातून सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.
